बदायूं। बरेली मंडल के कमिश्नर के. रविंद्र नायक ने महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाने को कहा है। इसके लिए सामूहिक और हर संभावित स्तर पर प्रयास होंगे।
नायक ने कटरा सआदतगंज का दौरा करने के बाद यहां पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रयास किए जा रहे हैं कि भविष्य में इस प्रकार की कोई घटना घटित न होने पाए। प्रशासन और समाज की सहभागिता से जागरूकता कार्यक्रम चलाकर महिलाओं और लड़कियों को जागरूक किया जाएगा। ग्रामीण परिवेश में महिलाओं और लड़कियों द्वारा शौच के लिए घर से बाहर जाने को चिंताजनक बताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्ति लाखों की धनराशि खर्च करके मकान तो बना लेता है परंतु दो-चार हजार रुपये खर्च कर शौचालय नहीं बनवाता जो बाद में परेशानी का कारण बनता है।
आयुक्त ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी महिला अथवा लड़की का पीछा करता है, छेड़ता है, अश्लील बातें करता है, मोबाइल फोन अथवा फेसबुक पर आपत्तिजनक संदेश देता है तो टोल फ्री नंबर 10901, 181, 100 पर सूचना देने के साथ ही एसएसपी के मोबाइल नंबर 9454400252, एसपी सिटी के नंबर 9454401022, एसपी आरए के नंबर 9454401021 और कैंप कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर 9454402957 पर सूचना दी जा सकती है। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
यहां उनके साथ मौजूद एसएसपी अतुल सक्सेना ने बताया कि महिलाओं के विरुद्ध घटित अपराधों की ऑनलाइन रिपोर्ट कराने का प्रावधान है। कोई भी व्यक्ति उत्तर प्रदेश पुलिस की बेवसाइट यूपी पुलिसजीओवीइन पर महिलाओं के संबंध में घटित अपराधों की रिपोर्ट दर्ज करा सकता है।
कमिश्नर के सामने आ गए कई फरियादी
अमर उजाला ब्यूरो
उसहैत (बदायूं)। बरेली मंडल के आयुक्त के रविंद्र नायक बुधवार को संवेदना जताने पीड़ित परिवार के घर पहुंचे तो पीड़ित परिवार से ज्यादा परेशानियां दूसरे गांवों के लोगों ने गिना डालीं। एक महिला ने तो कमिश्नर के अलावा एसएसपी की पेशानी पर बल भी डाल दिए। पीड़ित परिवार से पांच से सात मिनट की बातचीत के दौरान दोनों भाइयों ने रोते हुए अपनी पीड़ा बताई। परिवार की महिलाओं ने भी वही बातें दोहराईं, जिन्हें वे घटना के बाद आने वाले नेताओं और अफसरों से कहती रही हैं।
एसएसपी अतुल सक्सेना ने पूछा कि आप इसी गांव में रहती हैं क्या? तब महिला ने बताया कि पड़ोस के गांव भकरोली में रहती है। यहां की घटना के बाद उसे न्याय की उम्मीद बढ़ी तो वह चली आई। फिर उसने अफसरों को एक तहरीर सौंपी। इसके मुताबिक उसका पति हरिद्वार में नौकरी करता है। जब वह घर पर अकेली थी तो दूसरे गांव के दबंगों ने उसके साथ दुराचार की कोशिश की। वह चिल्लाई तो पड़ोसी निकल आए और उसकी इज्जत बच गई। तहरीर पर कोई तारीख नहीं थी। एसएसपी ने पूछा कि कब की घटना है, महिला बोली- 2013 की। हतप्रभ कमिश्नर ने जानना चाहा कि एक साल बाद आप शिकायत क्यों कर रही हैं? महिला ने बताया कि वह कई बार थाने गई लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। दबंग कहते हैं कि जब तक उनकी सरकार है, रिपोर्ट नहीं लिखी जाएगी। अधिकारियों ने महिला को कार्रवाई का आश्वासन देकर तहरीर रख ली। यहां कई अन्य महिलाओं ने भी अधिकारियों को इसी तरह की शिकायत की।
जापान महिला ने पूछा, ओबीसी मतलब मोदी कास्ट
उसहैत (बदायूं)। जापान की महिला पत्रकार ने अफसरों से पूछा कि दलितों पर जुल्म आखिर कब तक होता रहेगा? इस पर प्रभारी डीएम उदयराज सिंह ने बताया कि वादी और प्रतिवादी पक्ष दोनों ही पिछड़ी जाति के हैं, दलित कोई नहीं है। समझाने के लिए एसएसपी ने कहा कि सब ओबीसी कास्ट के हैं। महिला पत्रकार ने कैमरा उधर करते हुए कहा कि ओबीसी मतलब मोदी कास्ट। मोदी भी ओबीसी के हैं न। इस पर अफसर हैरान रह गए। कमिश्नर ने समझाया कि ऐसा नहीं है, ओबीसी में कई कास्ट आती हैं। कहा, वह यहां पीड़ित पक्ष को दिलासा देने आए हैं। आप को बाद में इत्मीनान से समझा देंगे। महिला पत्रकार ने अफसरों को बताया कि पीड़ित परिवारों को धमकाया जा रहा है। अफसरों ने घरवालों से पूछा कि घर पर तो सुरक्षा लगी है, कोई मोबाइल से कॉल कर रहा हो तो नंबर बताओ? इस पर परिवार के साथ समूह में बैठी एक महिला काफी नाराज हो गई। उसने एक जाति विशेष का जिक्र करते हुए कहा कि जब तक यह सरकार रहेगी, हमें धमकियां मिलती रहेंगी। कहा, अभी भी भकरोली चौराहे से गुजरते हुए लोग धमकियां दे रहे थे।
पीड़ित पक्ष और गवाहों को मिलेंगे शस्त्र लाइसेंस
उसहैत। कमिश्नर के सामने पीड़ित पक्ष और गवाह ने भी पुलिस के जाने के बाद अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। कुछ लोगों ने कमिश्नर से शस्त्र लाइसेंस की मांग की। तब कमिश्नर ने बताया कि नए डीएम कल चार्ज ले लेंगे। आप लोगों के लाइसेंस के बारे में उन्हें बता दिया जाएगा। दस से पंद्रह दिन के अंदर आपको शस्त्र लाइसेंस दिला दिए जाएंगे। हालांकि कमिश्नर यह पूछना न भूले कि आप लोगों पर कोई केस तो नहीं चल रहा।
जहां से होगी जांच, वहीं रहेंगे गंगा सिंह
- आरोपी दरोगा की नई तैनाती पर सवाल
बदायूं। कटरा सआदतगंज के गैंगरेप और दोहरे हत्याकांड में कुछ तो छुपाने की कोशिश हो रही है। उसहैत के थानेदार रहे गंगा सिंह यादव की नई तैनाती सदर कोतवाली में होने के बाद ये सवाल यों ही नहीं उठ रहे हैं। वजह साफ है कि इस चर्चित प्रकरण की जांच सदर कोतवाली से हो रही है। पीड़ित परिवार इस विवादित दरोगा पर लगातार आरोप लगाते रहे हैं। प्रशासन की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में भी गंगा सिंह यादव की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। बावजूद इसके इस दरोगा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होने के बजाय उन्हें उसहैत से हटाकर शहर कोतवाली भेज दिया गया। सवाल यह कि जहां से जांच होगी, आखिर गंगा सिंह को वहां क्यों भेजा गया है?
बता दें कि मामले की जांच शहर कोतवाली वीरपाल सिंह सिरोही कर रहे हैं। घटना के बाद आरोपी दो पुलिस कर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया। इसके अलावा चौकी इंचार्ज का निलंबन हुआ और बाकी के स्टाफ को यहां से हटा दिया गया। दूसरी ओर सत्तापक्ष के करीबी गंगा सिंह यादव पूरे मामले में कार्रवाई से बचे रहे हैं।
गांव में रोजाना हो रही सफाई
बदायूं। कटरा सआदतगंज में दो किशोरियों की रेप के बाद फांसी लगाकर हत्या कर देने की घटना के बाद जब नेताओं और अफसरों का आना शुरू हुआ तो साफ-सफाई के इंतजाम भी पुख्ता हो गए। गांव के लोग बताते हैं कि घटना होने से करीब एक महीने पहले से गांव में एक भी सफाई कर्मचारी नहीं आ रहा था लेकिन अब रोज 15 से 20 सफाई कर्मचारी पहुंच रहे हैं। नतीजा यह कि महीनों कीचड़ से बजबजाने वाली गांव की नालियां इन दिनों साफ-सुथरी दिख रही हैं।