बदायूं। स्पेशल जज (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) अनिल कुमार ने दो सगे भाइयों का फिरौती के लिए अपहरण करने के मामले में आठ आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है।
थाना उसावां के गांव कैलोठा निवासी रामवीर और उनके भाई राजवीर का 21 अगस्त 1995 को यह कहते हुए अपहरण कर लिया गया कि डेढ़ लाख रुपये दिलाओ तो दोनों को छोड़ देंगे। दोनों भाइयों का अपहरण उस समय हुआ जब वे अपने खेत की ट्रैक्टर-ट्राली में भिंडी लादकर म्याऊ बाजार ले जा रहे थे। अपहृतों के साथ ट्रैक्टर चालक दिनेश और गांव के लालमन, राजबहादुर भी साथ थे। सर्विस रोड पर ट्रैक्टर धंस गया। तो सभी लोग ट्रैक्टर में धक्का लगाकर निकालने की कोशिश में थे। इसी बीच रात के करीब आठ बजे आरोपी असलहे लेकर आ गए।
इन लोगों ने रास्ता पूछने से बात शुरू की। लोगों के यह कहने पर कि पहले ट्रैक्टर निकाल लें उसके बाद रास्ता बताएंगे। शस्त्र धारकों ने गालियां बकते हुए सभी छह लोगों को कब्जे में ले लिया और पास ही ट्यूबवेल पहुंच गए। मारपीट के दौरान ट्रैक्टर चालक की जानकारी लेकर दोनों भाइयों को रोक लिया और बाकी चारों को यह कहते हुए छोड़ दिया कि डेढ़ लाख रुपये का इंतजाम कर लेना तभी दोनों को छोड़ देंगे।
13 सितंबर 1995 को पुलिस फोर्स ने मुखबिर की सूचना पर सोत नदी के जंगल में छिपे आरोपियों को घेर लिया और मुठभेड़ के बाद दोनों अपहृतों को बरामद कर लिया। दोनों पक्षों की सुनवाई के दरौरान फिरौती के लिए किए गए अपहरण के आरोप में दोषी पाए गए उसावां थाना के गांव कैलोठा के बहादुर, वीरेंद्र, श्याम पाल, सोरन, उसहैत के गांव हरदो पट्टी निवासी वीरेंद्र गड़रिया, मोती, सरेली निवासी जमादार, सिमरिया थाना अलापुर निवासी वीरेंद्र को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। इन पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है।