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प्याज की पनीरी की रोपाई के लिए ये विधि अपनाएं किसान-बागवान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलन Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 29 Dec 2019 05:59 PM IST
डॉ. सतीश भारद्वाज
डॉ. सतीश भारद्वाज - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी और अन्य क्षेत्रों में हुई बारिश से किसान-बागवान खुश हैं। वहीं बारिश से सूखे की मार झेल रहे किसानों को भी राहत मिली है। अब जमीन में नमी बन गई है। नौणी विवि के विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में प्याज की पनीरी रोपण करने की सलाह दी है। उक्त कार्य को दिसंबर माह तक पूर्ण करना होगा। नौणी विवि के पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश भारद्वाज ने बताया कि मटर की गुड़ाई करने का कार्य भी शुरू करने को कहा गया है।



वहीं व्यापक क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना से राय दी गई है कि किसान नर्सरी और छोटे पौधों को ठंड से बचाए। इसके अलावा कैंकर ग्रस्त टहनियों तथा तनों को अच्छी तरह काट दें या किसी धारदार चाकू से स्वस्थ भाग तक साफ करें। कटे या छीले भाग पर चैबटिया पेस्ट या बोर्डो पेंट या कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का पेंट लगाए। नए पौधों को लगाने के लिए किए गए गड्ढों को भरने का कार्य भी शुरू कर दें, ताकि उसमें भरी गई मिट्टी अच्छे से बैठ जाए। 


पुष्प उत्पादन संबंधित कार्य
गलुदाउदी के फूलों को काटकर मंडी में भेजें, वहीं जिस स्थान से फूल कट चुके हैं, उन पौधों में गोबर की खाद डालें। वहीं नए रोपित पौधों से खरपतवार निकालें व जंगली जानवरों से बचाएं। समय-समय पर पौधों का निरीक्षण करते रहें व सिंचाई करें। देवदार, सूजी, रई, तोष, खिड़क, बहेड़ा, आंवला, अखरोट आदि के बीज सुखाकर कर एकत्रित करें।

पशुशाला की खिड़कियां ढककर रखें
शीत ऋतु में पशुशाला का प्रबंधन अति महत्वपूर्ण है। इस काल में पशुशाला की खिड़कियों और रोशनदान को टाट या बोरी से ढक कर रखें, जिससे ठंडी हवा पशुशाला में प्रवेश न कर सके। इसके अलावा पशुशाला का तापमान 15 से 20 डि.से. के बीच में रहे। पशुओं के इस्तेमाल के लिए बिछावन सामग्री को प्रतिदिन बदलें। दिन के समय में गोशाला का दरवाजा तथा खिड़कियां उचित वेंटिलेशन तथा फर्श सुखाने के लिए खुला छोड़ दें।

आपके सवालों के जवाब
सवाल-सर्दी के मौसम में लगाए जाने वाले फलदार पौधों की रोपाई कैसे करें और गड्ढों को कितना गहरा खोदना चाहिए।-नरेंद्र निवासी कनाह। 
जवाब- सर्दी के मौसम में फलदार सहित अन्य पौधों की रोपाई का कार्य किया जाता है। रोपाई के लिए अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। सेब, खुमानी, प्लम, नाशपाती के पौधों की रोपाई के लिए करीब तीन फीट गहरा गड्डा करना चाहिए। गड्ढे से निकली सबसे नीचे वाली मिट्टी की सतह को पौधा लगाने के बाद सबसे ऊपर वाली सतह में गोबर मिलाकर भरना चाहिए।

सवाल-सर्दियों के मौसम में कोहरा पड़ने के कारण नींबू, अमरूद और कटहल के पौधे जल जाते हैं, उक्त पौधों को कोहरे से कैसे बचाया जा सकता है।-राकेश शर्मा निवासी देवली की सैर। 
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जवाब- इस मौसम में नींबू, अमरूद, कटहल सहित अन्य पत्ते वाले सभी छोटे पौधों को कोहरे से नुकसान पहुंचता है। इसमें ऐसे क्षेत्र के किसान-बागवानों को उक्त पौधों को दिसंबर, जनवरी माह तक घास, बोरी से ढक कर रखना चाहिए। यदि पौधा बड़ा है और वह अच्छी ग्रोथ कर रहा है, तो उसे ढकने की कोई आवश्यकता नहीं है।

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