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पितरों को तृप्त करने का पर्व आज

Rampur Updated Mon, 15 Oct 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। जीवन में भौतिक उन्नति व आत्मिक शांति के लिए पितृपक्ष की अमावस्या पर ऋषियों, पूर्वजों और देवों को विभिन्न पदार्थों से तर्पण कर उन्हें तृप्त करने के लिए भक्त तैयारी में जुटे हैं।
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पितृपक्ष के अंतिम दिन अमावस्या को जीवन की भौतिक उन्नति और आत्मिक शांति प्राप्ति के लिए पुराणों में महत्वपूर्ण दिवस कहा गया है। पंडित नवीन चतुर्वेदी और पंडित विश्वनाथ प्रसाद मिश्रा ने बताया कि इस दिन अपने सभी पूर्वजों, ऋषियों और देवताओं को तृप्त किया जाता है। ऋषियों का तर्पण जौ से, पितरों का तर्पण तिल से और देवताओं का तर्पण अक्षत से किया जाता है। अपराह्न एक बजे तक सभी का तर्पण कर्म पूर्ण किया जाता है। तर्पण से तृप्त होने पर प्रसन्न होकर पूर्वज, ऋषि और देवता उन्नति के लिए आशीष प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि धरती पर मानव मात्र के लिए ये दिन अति महत्वपूर्ण है। इस दिन पितरों का विसर्जन भी होता है। उन्होंने बताया कि भक्त इस दिन तर्पण करने के लिए तैयारी कर रहे हैं।

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