एफडीआई से बढ़ जाएगी बेरोजगारी

Rampur Updated Tue, 18 Sep 2012 12:00 PM IST
रामपुर। एफडीआई लागू होते ही छोटे कारोबारी पूरी तरह से बर्बाद हो जाएंगे। व्यापार मंडल के मुताबिक मल्टी स्टोर केएक सेल्समेन से पौने सात सौ छोटी दुकानें बंद हो जाएंगी। एफडीआई के असर से पांच करोड़ रुपये तक केकारोबारी प्रभावित होंगे।
केंद्र सरकार द्वारा एफडीआई को मंजूरी देते ही व्यापारिक तबकों में बेचैेनी बढ़ गई है। कारोबार बर्बाद होने की आशंका केचलते व्यापारी एफडीआई केविरोध में जुट गए हैं। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि एफडीआई छोटे दुकानदारों के लिए जहर है। सरकार कह रही है रिटेल में बड़ी कंपनियों केकूदने से उपभोक्ता वस्तुएं सस्ती होंगी। यह दावा सरासर गलत है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि बड़ी कंपनियां उत्पादकों से सीधे माल खरीदती हैं। वे अपने हिसाब से पैकेजिंग कराती हैं। उन्होंने बताया कि दाल के पैकेट में एक किलो की बजाय 950 या 980 ग्राम दाल होगी। आम ग्राहक वजन नहीं पढ़ता है। उसे तो यही लगता है कि चीज सस्ती मिल रही है। इसके अलावा कंपनियां चाहे देशी हों या विदेशी वे बल्क में उत्पादकों से माल खरीदती हैं। इस वजह से उन्हें कम कीमत पर वस्तु मिल जाती है। उन्होंने बताया कि चार-पांच वर्ष हुए एक सर्वे में पाया गया था कि बड़ी कंपनियों केरिटेल शोरूम का एक कांउटर क्षेत्र के करीब पौने सात सौ छोटे दुकानदारों को बर्बाद कर देगा। इस तरह से एक शहर में कंपनियों केदो भी रिटेल शोरूम (छह-छह कांउटर वाले) खुल गए तो उनसे उस शहर केछोटे-बड़े आठ हजार दुकानों पर कारोबार ठप्प हो जाएगा। इससे बेरोजगारी बढ़ेगी। उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप अग्रवाल सोनी ने बताया कि एफडीआई से पांच करोड़ रुपये तक के कारोबारी बर्बाद हो जाएंगे। बेरोजगारी बढ़ने से देश के समक्ष बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।

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