अगला निशाना दादरी और वैशाली के एसडीओ थे

Rampur Updated Fri, 17 Aug 2012 12:00 PM IST
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मिलक। बिजनौर के अधिशासी अभियंता (जलनिगम) सुशील बंसल को बीस लाख बसूली के लिए अगवा करने वाले दिल्ली क्राइम ब्रांच के सिपाहियों को पुलिस यदि सात अगस्त कीरात नहीं पकड़ पाती तो उनका अगला निशानादादरी और वैशाली के एसडीओ थे। अगवा करने वालों से मिले कागजातों से पुलिस को कुछ ऐसे ही सबूत हाथ लगे हैं।
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सीबीआई जांच का हवाला देकर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच में तैनात दो सिपाहियों ने सात अगस्त की रात करीब आठ बजे अपने दो साथियों के साथ मिलकर बिजनौर के अधिशासी अभियंता(जलनिगम) सुशील बंसल को अगवा कर लिया था और छोड़ने की एवज में बीस लाख की मांग की थी। सूचना पर एक्टिव हुई पुलिस ने मंगलवार की रात करीब ढाई बजे मिलक पुलिस ने अपहरण का शिकार हुए इंजीनियर को मुक्त करा लिया था। जिसमें दिल्ली क्राइम ब्रांच में तैनात कांस्टेबिल अजीत सिंह और दूसरा मुकेश यादव को उसके दो साथियों को धर दबोचा था। यदि इन आरोपियों के मंसूबों को पुलिस नाकामयाब नहीं कर पाती तो इनका अगला निशाना दादरी के बीएसएनल के एसडीओ के.डी वर्मा और वैशाली गाजियाबाद के बिजली एसडीओ ए.के अग्रवाल थे। पुलिस रिमांड पर दिल्ली के रोहिणी स्थित अजीत सिंह के फ्लैट से बरामद काजगात और अरेस्ट वारंट इन दोनों अफसरों के नाम के निकले हैं। विवेचनाधिकारी अतर सिंह का कहना है कि अगर दोनों पकड़े नहीं जाते तो अगला निशाना यही दोनों अधिकारी थे।
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