संसद के मानसून सत्र में पास हो दंगा विरोधी बिल : आजम

Rampur Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। प्रदेश के नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां ने संसद के मौजूदा मानसून सत्र के दौरान दंगा विरोधी बिल पास किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह बिल संसद में लंबित पड़ा हुआ है। इस बिल को पास कराने में कांग्रेस रुचि नहीं ले रही है। आजम खां ने अन्ना हजारे और योग गुरु रामदेव से भी आह्वान किया कि वे भी केंद्र सरकार पर इस बिल को पास कराने के लिए दबाव डालें।
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रामपुर में अपने निवास स्थान पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान आजम खां ने कहा कि असम में हिंसा फैली हुई है। असम सरकार वहां आर्मी को नहीं आने दे रही है। बेगुनाह मुसलमानों का कत्ल हो रहा है। इस तरह का कत्लेआम रोकने के लिए दंगा विरोधी कानून का होना जरूरी है। दंगा विरोधी कानून के लिए तैयार किया गया बिल संसद में लंबित है। यूपीए सरकार इसमें रुचि नहीं दिखा रही है। इंसानियत के कत्लेआम को रोकने के लिए आवश्यक है कि इस बिल को पास कराया जाए।
आजम खां ने दिल्ली में योग गुरु बाबा रामदेव की गिरफ्तारी को गलत बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की बात नहीं होनी चाहिए। रामदेव अपने समर्थकों के विरोध नहीं, योग कर रहे थे। उनको रामलीला मैदान में अनशन पर बैठने की इजाजत भी तो सरकार ने दी थी। अगर सरकार को लगता कि रामदेव से कानून व्यवस्था को खतरा है तो वह अपनी अनुमति वापस ले लेती। उनकी गिरफ्तारी गलत है।
कांग्रेस पर बरसते हुए आजम खां ने कहा कि इस पार्टी का रवैया हमेशा से मुसलिम विरोधी रहा है। कांग्रेस मुसलमानों को सरकारी नौकरी में आरक्षण नहीं देना चाहती है। कांग्रेस की साजिश है कि मुसलमान शिक्षा के मामले भी पिछड़े रहे। इसी साजिश के तहत जौहर यूनिवर्सिटी को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा नहीं दिया जा रहा है। प्रदेश के राज्यपाल कांग्रेस के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। सपा द्वारा यूपीए सरकार और कांग्रेस का समर्थन किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आरएसएस और फासिस्ट ताकतों को सत्ता में आने से रोकने के लिए कांग्रेस का समर्थन करना पड़ जाता है।
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