पूर्व चेयरमैन को नहीं मिली बेल

Rampur Updated Wed, 08 Aug 2012 12:00 PM IST
रामपुर। जिला सहकारी संघ की जमीन को खुर्द बुर्द करने के आरोप में जिला कारागार में बंद पूर्व चेयरमैन मोहम्मद अहसान की कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी है।
पूर्व सभासद पर जानलेवा हमले के मामले में जिला पंचायत सदस्य एवं डीसीडीएफ के पूर्व चेयरमैन ने कोर्ट में करीब डेढ़ माह पहले सरेंडर किया था। बाद में उनके खिलाफ जिला सहकारी संघ की जमीन को खुर्द बुर्द करने का भी मुकदमा कायम किया गया था। जानलेवा हमले के मामले में उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है, जबकि जमीन को खुर्द बुर्द करने के मामले में अभी राहत नहीं मिली है। उनकी जमानत अरजी पर सोमवार को सुनवाई हुई थी, जिस पर कोर्ट दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभारी शासकीय अधिवक्ता सरबत अली खां ने दलील दी गई कि आरोपी ने संघ की करोड़ों की जमीन खुर्द बुर्द की है। सरकार के राजस्व को क्षति पहुंचाई है और उसका आपराधिक इतिहास है, लिहाजा जमानत खारिज की जाए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि रजिस्ट्री कराने का काम संघ के सचिव का है। चेयरमैन का इस मामले से कोई लेनादेना नहीं है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एडीजे द्तिीय अलका श्रीवास्तव ने अहसान की जमानत याचिका खारिज कर दी।

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