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त्रिपाठी को बाबू बनाने में फंसे प्रोबेशन अधिकारी

Rampur Updated Thu, 19 Jul 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। राजकीय शिशु सदन के सहायक अधीक्षक डा. किशुंक त्रिपाठी को बाबू का भी चार्ज देने के मामले में कार्यवाहक जिला प्रोबेशन अधिकारी फंस गए हैं। आदेशों की अवहेलना के आरोप में डीएम ने उनका वेतन रोक दिया है। साथ ही उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
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सलोनी प्रकरण उछलने के बाद राजकीय शिशु सदन में तमाम अनियमितताएं सामने आई थीं। इस प्रकरण के बाद नगर मजिस्ट्रेट प्रीति जायसवाल ने जांच के दौरान राजकीय शिशु सदन में तमाम अनियमितताएं पकड़ में आई थीं। जांच के दौरान इस बात का खुलासा हुआ था कि पूर्व में सदन में हुए घपले के बाद यहां तैनात बाबू नरेश कुमार को हटा दिया गया था। तत्कालीन डीएम डा.बलकार सिंह ने नरेश को हटाकर जिला निर्वाचन कार्यालय से संबद्ध कर दिया था। इसके बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय से दो बाबुओं को यहां तैनात कर दिया था, लेकिन जांच में यह बात सामने आई कि जिला प्रोबेशन अधिकारी ने डीएम के आदेशों की अनदेखी कर यहां लगाए गए बाबूओं को हटा दिया था। जिसके बाद चार्ज सहायक अधीक्षक को दे दिया गया था। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने इस मामले क ो गंभीरता से लिया है। डीएम जिला प्रोबेशन अधिकारी के कामकाज से भी असंतुष्ट हैं। उन्होंने इस मामले में गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए कार्यवाहक जिला प्रोबेशन अधिकारी एनके पाठक का वेतन रोक दिया है। साथ ही उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। पूछा है कि आखिर किसके आदेश पर बाबुओं को यहां से हटाया गया। स्टाक में जो कमियां मिली हैं उनका पहले ही बारीकी से निरीक्षण क्यों नहीं किया गया। डीएम की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।

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