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सलोनी प्रकरण: सहायक अधीक्षक पर गिरी गाज

Rampur Updated Tue, 17 Jul 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। सलोनी प्रकरण में आखिरकार राजकीय शिशु सदन के सहायक अधीक्षक डा.किशुंक त्रिपाठी पर गाज गिर ही गई। महिला कल्याण विभाग के निदेशक ने त्रिपाठी को निलंबित कर दिया है। निलंबन के दौरान त्रिपाठी मेरठ से संबंद्ध रहेंगे। निदेशक का यह आदेश सोमवार की शाम को महिला कल्याण मंत्री अरुण कोरी के साथ ही पहुंच गया।
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गाजियाबाद से पिछले साल राजकीय शिशु सदन में आई सलोनी की हालत खराब होने के बाद चार दिन पहले अस्पताल ले जाया गया था,जहां उसकी मौत हो गई थी। सलोनी की मौत के मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया था,जब उसका शव पोस्टमार्टम के लिए 28 घंटे तक लवारिस हालत में पोस्टमार्टम हाउस में रखा रहा था। मामला मीडिया में उछलने के बाद नगर विकास मंत्री आजम खां ने इस पर नाराजगी जाहिर की थी। साथ ही इस मामले में एफआईआर व सहायक अधीक्षक को निलंबित करने के आदेश दिए थे। बाद में रविवार को खुद नगर विकास मंत्री ने शिशु सदन पहुंचकर यहां तमाम गड़बड़ियां पकड़ी थीं। शिशु सदन में गड़बड़ियां मिलने के बाद भी आजम ने इस मामले में कार्रवाई का आदेश दिया था। नगर विकास मंत्री के आदेश पर महिला कल्याण मंत्रालय तक में हड़कंप मचा हुआ था। इसके बाद ही प्रदेश की महिला कल्याण मंत्री अरुण कोरी भी सोमवार को रामपुर पहुंची। एक ओर मंत्री ने इस मामले में कार्रवाई की बात कहीं वहीं कुछ ही देर में मंत्रालय के निदेशक शिव श्याम मिश्रा का आदेश भी रामपुर पहुंच गया। मिश्रा की ओर से जारी किए गए आदेश में डा.किशुंक त्रिपाठी को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के दौरान वह उप मुख्य परीवीक्षा अधिकारी मेरठ के दफ्तर में अटैच रहेंगे। साथ ही उनके निलंबन के मामले की जांच भी उप मुख्य परीवीक्षा अधिकारी मेरठ करेंगे। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।


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