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सहायक अधीक्षक के निलंबन और एफआईआर के आदेश

Rampur Updated Mon, 16 Jul 2012 12:00 PM IST
रामपुर। राजकीय शिशु सदन में बच्चों के रख-रखाव में घोर लापरवाही बरती जा रही है। स्टॉक रजिस्टर भी मेंटेन नहीं किया जा रहा। इस बात का खुलासा नगर विकास मंत्री के निरीक्षण में हुआ। रजिस्टर मेंटेन न होने को उन्होंने आर्थिक अपराध मानते हुए शिशु सदन के सहायक अधीक्षक को सस्पेंड करने और एफआईआर के आदेश दिए हैं। साथ ही डीएम से शिशु सदन को किसी दूसरी बिल्डिंग में स्थानांतरित क रने को कहा है।
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तीन साल की मासूम सलोनी की मौत पर उठा तूफान थमता नजर नहीं आ रहा है। रविवार को नगर विकास मंत्री आजम खां रविवार को दोपहर लगभग एक बजे अचानक शिशु सदन पहुंच गए। आजम खां ने वहां पहुंचते ही बच्चों से जानकारी लेने लगे। उन्होंने बच्चों को दिया जाने वाला खाना भी देखा। कर्मचारियों से बच्चों के लालन-पालन, उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और खान-पान के बारे में जानकारी हासिल की। मंत्री को यहां मानसिक रूप से कमजोर बच्चे भी मिले। इस पर सवाल दागा कि ये बच्चे यहां क्यों हैं। इसके बाद उन्होंने सदन के सहायक अधीक्षक किशुंक त्रिपाठी से सलोनी के इलाज के बारे में जानकारी ली। स्टाक रजिस्ट्रर मांगा। स्टाक रजिस्ट्रर के मेंटेन ना होने पर नगर विकास मंत्री ने सहायक अधीक्षक के निलंबन का आदेश जारी करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट से जांच कर डीएम को रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्टॉक रजिस्ट्रर का मेंटेन ना होना आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है, लिहाजा इस मामले में रिपोर्ट दर्ज की जाए। इस मौके पर जिलाधिकारी अनिल ढींगरा, एसपी डा. प्रीतिंदर सिंह, सीडीओ राजकुमार श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट प्रीति जयसवाल सहित अन्य कई अधिकारी मौजूद रहे।

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