शौचालय बने नहीं,कर दिया पेमेंट

Rampur Updated Sun, 24 Jun 2012 12:00 PM IST
रामपुर। ‘लो कास्ट सेनीटेशन’ स्कीम में अफसरों और एनजीओ के वारे न्यारे कर दिए थे। हालत यह थी कि शौचालयों का निर्माण मौके पर भले ही नहीं किया गया हो,लेकिन उसका भुगतान एनजीओ को हाथों हाथ कर दिया गया। शहर में ही 48 लाख रुपये का पेमेंट बिना निर्माण के ही करा दिया गया।
‘लो कास्ट सेनीटेशन’ स्कीम यूं तो गरीबों के लिए ही बनाई गई थी। इसका उद्देश्य गरीबों को राहत पहुंचाने का था,लेकिन यह योजना अफसरों और एनजीओ की कमाई का जरिया बन गई। बसपा शासन में इस योजना में खूब घालमेल किया गया था। शौचालयों के निर्माण का जिम्मा एनजीओ को दे दिया गया था। डूडा के अफसरों की मिलीभगत से कुछ इस तरह काम हुआ कि घपले की परतें सरकार बदलने के साथ ही खुलती रहीं। जिले के आठ निकायों में नौ हजार से ज्यादा शौचालयों का निर्माण कराना था। शहर में ही एक हजार शौचालयों का निर्माण होना था,लेकिन 484 शौचालयों का भुगतान को इनके निर्माण के बिना ही कर दिया गया। मजे की बात यह है कि मामूली सी योजना में भुगतान के लिए एनजीओ व ठेकेदारों को चक्कर काटने पड़ते थे,मगर इस योजना में अफसरों की जेब गरम हुई तो पेमेंट भी कोई दिक्कत नहीं हुई। रामपुर पालिका में करीब 48 लाख की चोट सरकार को पहुंचाई गई थी। इसी तरह अन्य पालिकाओं में भी कुछ इसी तरह के घपले हुए। हालत यह थी कि शिकायतों को अफसर लगातार दबाते रहे और जब सत्ता परिवर्तन हुई तो घपलों की परतें खुल गईं और करोड़ों का घपला सामने आ गया।

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