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आईआईए की बैठक में केंद्र सरकार पर बरसे उद्यमी

Rampur Updated Sun, 24 Jun 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) की बैठक में देश में आर्थिक मंदी पर चिंता जाहिर की गई। केंद्र सरकार पर वित्तीय संकट से कोई सरोकार न रखने की तोहमत लगाते हुए एसोसिएशन ने कहा कि केंद्र की गलत नीतियों के चलते उद्योगों के सामने आर्थिक संकट का खतरा मंडरा रहा है। डालर के मुकाबले रुपये की कीमत कम होने से आयातित वस्तुएं खासकर दालें और खाद्य तेल की कीमतें बढ़ रही हैं।
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शनिवार रात आईआईए की बैठक आयोजित हुई। रामपुर चैप्टर केचेयरमेन आकाश कुमार सक्सेना ने कहा कि देश में वैश्विक आर्थिक संकट का असर पड़ने लगा है। डालर के मुकाबले रुपये की कीमत तीन वर्ष के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है। डालर के मुकाबले रुपये की कीमत घटने से आयातित वस्तुएं महंगी होती जा रही हैं। आयातित खाद्य तेल, दला आदि खाद्य वस्तुएं महंगी होने से आम आदमी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि आरबीआई को रुपये की स्थिति संभालने को सकारात्मक कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र ने कारपोरेट टैक्स में बदलाव न कर उद्योग जगत को झटका दिया है। केंद्र लगातार उद्योग विरोधी नीति घोषित कर रही है। निवेशकों के डालर को अधिक तवज्जो देने से डालर मजबूत हो रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली से शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी है। उन्होंने कहा यदि सरकार विदेश निवेश की तरफ ध्यान देने की बजाय अपने संसाधनों का प्रयोग करे तो आर्थिक संकट से जल्द उबरा जा सकता है। बैठक में विजय जौली, अमित जैन, शकुन गुप्ता, नीरज गुप्ता, सौरभ दीक्षित, जितेंद्र जैन, एसके अग्रवाल, मोहम्मद अख्तर, विष्णु कपूर, राजू गुप्ता, रमेश अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, मुकेश गुप्ता, निर्भय गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, परीक्षित कपूर, परितोष चांदीवाला, पवन जैन, निर्भय गर्ग, विपिन कुमार, सुरेश कुमार, पीयूष कुमार अग्रवाल, राहुल रस्तोगी, गुरमीत सिंह, राजन, दिनेश, अखिलेश, अखिल, अनिलेश, विकास, सचिन, अनूप, एसके गुप्ता, संजय, एससी शर्मा, उत्तम सिंह, राहुल आदि उद्यमी उपस्थित थे।

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