ईरान इल्म का शहर है : डा. इक्तेदार

Rampur Updated Wed, 20 Jun 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। रजा लाइबभनेरी के सेमीनार में ईरान के कल्चर से रूबरू कराया। मदरसों की तालीम का भी आइना पेश किया। वक्ताओं का कहना था कि ईरान और हिंदुस्तान की सभ्यता में काफी समानता है। दोनों मुल्कों के रिश्ते भी काफी पुराने हैं।
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लाइबभनेरी में सेमीनार का आगाज कुरान की तिलावत से हुआ। साथ ही प्रोग्राम की सदारत कर रहे शायर अजहर इनायती और डा. इक्तेदार मोहम्मद खान को रजा लाइबभनेरी की ओर से फूलों का गुलदस्ता पेश किया। जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय नई दिल्ली के डा. इक्तेदार मोहम्मद खां ने कहा कि ईरान की हुकूमत शरीयत के बहुत नजदीक नजर आती है। ईरान इल्म का शहर है। बहुत से हिंदुस्तानी तालिबे इल्म ईरान के मदरसों में तालीम हासिल कर रहे हैं।
रजा लाइबभनेरी के निदेशक प्रोफेसर एसएम अजीजुउद्दीन हुसैन ने कहा कि ईरान और हिंदुस्तान की सभ्यता में काफी समानता है। ईरान के हिंदुस्तान के साथ काफी पुराने रिश्ते रहे। कार्यक्रम का संचालन डा. तबस्सुम ने किया। इसमें डा. किश्वर सुल्ताना, डा. मेहंदी हसन, डा. जहीर अली सिद्दीकी, जुनैद रजा खान, लईक अहमद, डा. अथर मसूद, शिव कुमार गुप्ता, डा. अबुसाद इस्लाही, अरुण कुमार सक्सेना, कल्पना अवस्थी, रमसा सनोवर, मोहनी रानी, सनम अली खान, आलिया, शबाना अफसर भी थे।
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