कोई बीमार तो कोई हो गई गर्भवती

Rampur Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। गरमी की छुट्टियों में खलल डाल रहे निकाय चुनाव में ड्यूटी से बचने के लिए कर्मचारी और शिक्षिकाएं नए-नए बहाने तलाश रहे हैं। कोई बीमार हो गया तो कोई शिक्षिका गर्भवती हो गई। शिक्षिकाओं की मानें तो यदि उनकी ड्यूटी नहीं काटी गई तो मतदान के दिन उनकी हालत और ज्यादा खराब हो सकती हैैं,लेकिन डीएम की सख्ती के बाद फिलहाल अभी तक किसी भी कर्मी की ड्यूटी नहीं काटी गई है।
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रामपुर के आठ निकायों में 27 जून को मतदान होना है। इसके लिए 2540 कर्मचारी लगाए जा रहे हैं,जिसमें करीब 1200 महिला कर्मचारी भी शामिल हैं। चुनाव के लिए जल्द ही पालीटेक्नीक कालेज में प्रशिक्षण शुरू होगा। प्रशिक्षण से पहले महिला कर्मियों को ट्रेनिंग की नहीं बल्कि ड्यूटी कटवाने की जल्दबाजी है। विकास भवन की बात की जाए तो यहां पर भी 15 से 20 महिला कर्मचारियों की भीड़ सिर्फ इसलिए लगी थी कि चुनाव ड्यूटी से उन्हें मुक्ति मिल जाए। ड्यूटी कटवाने के लिए कलेक्ट्रेट में सौ से भी ज्यादा कर्मचारियों ने प्रार्थना पत्र दे दिया है,जिसमें महिला कर्मियों की संख्या काफी ज्यादा है। महिला कर्मियों के प्रार्थना पत्र नजर दौड़ाई जाए तो यह बात सामने आएगी करीब एक दर्जन से ज्यादा महिला कर्मी इन दिनों गर्भवती हैं और उनक ो किसी भी समय प्रसव हो सकता है। महिला कर्मियों में शिक्षिकाओं की संख्या काफी बड़ी है। तमाम शिक्षिकाएं प्रार्थना पत्रों केजरिए यह बात कह रही हैं कि उनकी डिलीवरी कभी भी हो सकती है इसलिए उनकी ड्यूटी काट दी जाए। यदि ड्यूटी नहीं कटी तो बूथों पर हालत बिगड़ सकती है। ड्यूटी कटवाने केलिए लगातार प्रार्थना पत्रों की बढ़ती स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अमला अब हर प्रार्थना पत्र का बारीकी से अवलोकन कर रहा है। गर्भवती महिलाओं केअलावा बीमारी को लेकर भी तमाम प्रार्थना पत्र पहुंच चुकेहैं। मगर, फिलहाल प्रशासन पूरी जांच परख केबाद ही आगे की कार्रवाई कर रहा है। डीएम अनिल ढींगरा ने ड्यूटी विशेष परिस्थितियों में ही काटने को कहा है।
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