खाद की कीमतों ने किसानों को दिया झटका

Rampur Updated Sat, 16 Jun 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। उर्वरक की कीमतें बढ़ने से किसानों को झटका लगा है। डीएपी का कट्टा अब 1200 का मिलेगा। खरीफ फसल की लागत और बढ़ जाएगी। किसान नेताओं ने सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई का ऐलान किया है। उनका कहना है कि पहले ही किसान महंगाई की मार झेल रहे हैं।
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केंद्र सरकार ने उर्वरक के भी रेट बढ़ा दिए। डीएपी, एमओपी, एसएसपी पर 31 से 62 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है। किसानों को नए रेट पर डीएपी का कट्टा अब 1200 रुपए का मिलेगा। इसी तरह एमओपी का 850, एसएसपी का 390 और 10-26-26 का 1100 रुपए का मिलेगा। इसलिए खरीफ फसल की लागत बढ़ जाएगी। खरीफ में चावल का आच्छादन लक्ष्य 140595, मक्का का 83, ज्वार का 961, बाजरा, 2487, उर्दस 5453, मूंग 39, अरहर, 10, मूंगफली 15, सोयाबीन 115, और तिल का आच्छादन लक्ष्य 25 हैक्टेअर का रखा गया है। इसके लिए 35000 टन यूरिया, 1800 डीएपी, 9300 एनपीके की आवश्यकता बताई गई है। किसानों को फसलों की बुवाई के लिए खाद की जरूरत पड़ेगी। उन्हें नए रेट ही खाद खरीदनी पड़ेगी।
नए रेट एक जून से लागू कर दिए गए। लेकिन, जो पुराने स्टाक है वह पुराने रेट भी बेचा जाएगा। खाद कंपनियों को आशंका है कि वितरण पुराने रेट का खाद नए रेट पर बेच सकते हैं। कालाबाजारी रोकने के लिए खाद कंपनियों ने प्रदेश सरकार से राबता कायम किया है। खाद की कीमतें बढ़ाने पर किसान नेता खफा हैं। भाकियू(भानु) गुट के राष्ट्रीय सचिव मुहम्मद हनीफ वारसी, भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष हसीब अहमद, जिला महासचिव परशुराम शर्मा ने केंद्र सरकार को किसान विरोधी बताया। चेतावनी दी कि सरकार के खिलाफ अब आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
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