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करोड़ों की रकम का कोई वारिस नहीं

Rampur Updated Fri, 15 Jun 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। जनपद के राष्ट्रीयकृत बैंकों में चार हजार से अधिक बचत खाते संचालित न होने की वजह से निष्क्रिय हो चुकेहैं। इनमें जमा ढाई करोड़ रुपये से अधिक की राशि को खाता धारक क्लेम करने भी नहीं आ रहे हैं। आरबीआई ने भी बैंकों से ऐसे खाते और उनमें जमा राशि की सूचना मांगी है।
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खाता खोलकर और फिर उसमें पैसे जमा कर कुछ लोग शायद भूल गए हैं। जनपद के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाओं में चार हजार से अधिक ऐसे खाते निष्क्रिय पड़े हैं, जो वर्षों से संचालित नहीं हुए हैं। बैंक ऑफ बदौड़ा प्रबंधक पीकेश्रीवास्तव के अनुसार सभी बैंक ऐसे खाताओं की संख्या और उसमें जमा धनराशि की जानकारी एकत्र कर रहे हैं। प्रबंधक केअनुसार जिन बचत खातों से दो वर्ष तक कोई लेन-देन नहीं होता है, उन्हें निष्क्रिय घोषित कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि खातों का संचालन न करने की वजह कुछ उपभोक्ताओं का एकाधिक खातोें का चलाना है। अधिकांश उपभोक्ता सारा लेनदेन किसी एक खाते से करते हैं, जिसकी वजह से उनकेअन्य खाते निष्क्रिय हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश बैंकों में निष्क्रिय खातों में जमा पैसा क्लेम करने भी खाता धारक नहीं आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरबीआई की ऐसे खातों पर निगाह है। वह सभी बैंकों से ऐसे खाते और उनमें जमा धनराशि की सूचनाएं भी मांग रहा है।
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