रजा लाइब्रेरी के 87 लाख की धनराशि लैप्स

Rampur Updated Sun, 10 Jun 2012 12:00 PM IST
रामपुर। रामपुर रजा लाइब्रेरी के विकास से लेकर अन्य संसाधनों के लिए केंद्र से आने वाला बजट खर्च ही नहीं किया गया। लिहाजा लाइब्रेरी की 87 लाख की धनराशि लैप्स हो गई। इसका खुलासा लाइब्रेरी बोर्ड की मीटिंग में हुआ है।
रामपुर रजा लाइब्रेरी एशिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरी है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के दिशा निर्देशन में चलने वाली लाइब्रेरी का बजट भी इसी मंत्रालय की ओर से जारी किया जाता है। लाइब्रेरी में किस मद से कितनी धनराशि खर्च करनी है इसका हिसाब-किताब मंत्रालय को भेजा जाता है। लाइब्रेरी के विकास और अन्य कामकाज के लिए संस्कृति मंत्रालय की ओर से पिछले वित्तीय वर्ष में तीन करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। इस बजट में जहां लाइब्रेरी की ओर से पुस्तकों का प्रकाशन कराने का प्रस्ताव था,वहीं दूसरी ओर लाइब्रेरी में होने वाली अन्य गतिविधियों को संचालित किए जाने की योजना थी। लेकिन साल भर के कामकाज पर नजर दौड़ाई जाए तो लाइब्रेरी की ओर से साल भर में सिर्फ रामायण का ही प्रकाशन किया जा सका, जिसका विमोचन पिछले दिनों उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की ओर से किया गया। इसके अलावा अन्य मदों पर खर्चा जरूर हुआ, लेकिन वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद भी 87 लाख खर्च नहीं हो सका। इतनी धनराशि खर्च न होने पर यह राशि लैप्स हो गई। धनराशि लैप्स होने के पीछे लाइब्रेरी के निदेशक प्रो.एमएस अजीजउद्दीन का कहना है कि पिछले साल ओएसडी लंबे समय तक बीमार रहे और फिर बाद में उनका कार्यकाल पूरा हो गया। इसके बाद ओएसडी का काम लाइब्रेरी बोर्ड के सदस्य और जिलाधिकारी के पास रहा। यही वजह रही कि 87 लाख की धनराशि लैप्स हो गई।

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