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डीसीबी चेयरमैन की कुर्सी भी खतरे में

Rampur Updated Fri, 08 Jun 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। डीसीबी चेयरमैन की भी कुर्सी खतरे में पड़ गई है। उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश सहकारी समिति निधिनिय 1965 की धारा 38(1) के तहत कार्रवाई शुरू की दी गई। इसी के तहत बोर्ड की बैठक बुलाई है।
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सत्ता परिवर्तन के बाद जिला सहायक निबंधक ने चेयरमैन पर लगे आरोपों की जांच कराई। जांच में नियुक्तियों में धांधली और वित्तीय अनियमितता का आरोप साबित हो गया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीआर ने उत्तर प्रदेश सहकारी समिति निधिनिय 1965 की धारा 38(1) के तहत कार्रवाई शुरू की तो इसके खिलाफ चेयरमैन ने हाईकोर्ट की शरण ली। अदालत ने डीआर को चेयरमैन का भी पक्ष सुनकर निस्तारण के आदेश दिए। डीआर ने चेयरमैन का भी पक्ष सुना। उन्होंने चेयरमैन अमरीश पटेल को दोषी मानते हुए धारा 38(1) के तहत फिर कार्रवाई शुरू कर दी है। बैंक सचिव मुहम्मद अंजुम खां ने बताया कि डीआर के आदेश पर आठ जून यानी शुक्रवार को बोर्ड की बैठक बुलाई है। बैठक में चेयरमैन को उनके पद से हटाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। उन्होंने संचालकों को मीटिंग में शामिल होने की अपील की है।
डीसीडीएफ चेयरमैन मुहम्मद अहसान को पहले ही हटाया जा चुका है। चेयरमैन पर डीसीडीएफ संपति खुर्द-बुर्द करने का आरोप है। डीआर ने बोर्ड भंग एसडीएम को सदर का प्रशासक नियुक्त किया गया है। डीसीडीएफ चेयरमैन के बाद अब डीसीबी चेयरमैन की भी कुर्सी खतरे में पड़ गई है।
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