नगर पालिका के पूर्व ईओ का कारनामा

Rampur Updated Thu, 31 May 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। चेयरमैन बनाम ईओ मामले में सुर्खियों में रहे नगर पालिका रामपुर के पूर्व अधिशासी अधिकारी निहाल चंद्र ने भी कई गुल खिलाए हैं। उन्हें सौंपे गए खड़ंजा निर्माण कार्य में गुणवत्ताहीन सामग्री का इस्तेमाल किया गया था। पक्की ईंटों के स्थान पर कच्ची ईंटें बिछा डाली थी। डूडा के संयुक्त निदेशक ने इस खेल का पर्दाफाश किया है। जिनकी जांच के बाद ईओ निहाल चंद्र को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं जेई को भी निलंबित करने और ठेकेदार से वसूली को लेकर तैयारी चल रही है।
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डूडा के संयुक्त निदेशक विनोद कुमार यदुवंशी की जांच आख्या के मुताबिक वर्ष 2011 में दो फरवरी को चपटा गांव से वैम्बे कालोनी तक खड़ंजा प्रस्ताव पर स्वीकृति मिली थी। इसके लिए 13वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि से लगभग चार लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। डूडा के जेडी ने जब निरीक्षण किया तो 45 मीटर लंबाई के इस खड़ंजे का चौथाई भाग टूट कर गिर चुका था। निरीक्षण में पाया गया कि खड़ंजे मेें बर्न ब्रिक (पक्की ईंटें) के स्थान पर पीली ईंटें (कच्ची ईंटें) लगा दी गईं हैं। वहीं तालाब के किनारे खड़ंजा धीरे-धीरे दब रहा है। जांच आख्या में जेडी के मुताबिक निर्माण हुए अभी एक वर्ष भी नहीं बीता है और खड़ंजा का बहुत सा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो रहा है। यह आलम तब था, जब स्वीकृति के दो महीने बाद बजट के तिहाई भाग का भुगतान कर दिया गया था। इस खेल से पर्दा उठते ही रामपुर नगर पालिका के पूर्व ईओ निहाल चंद्र को मैनपुरी पालिका परिषद का चार्ज संभालने के बाद निलंबित कर दिया गया। वहीं जेई को भी निलंबित और ठेकेदार से नुकसान की वसूली की कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। इस जांच रिपोर्ट से नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां और जिलाधिकारी को भी अवगत करा दिया गया है।
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