बच्चों से शिक्षक के रूप में सवाल किया डा. कलाम ने

Rampur Updated Tue, 22 May 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। डा. कलाम ने मंच पर पहुंचते ही बच्चों से सीधे सवाल किया क्या आप मेरे मिशन का हिस्सा बनना चाहते हैं? बच्चों का सवाल हां में आया। डा. कलाम ने कहा मेरा मिशन है समाज, देश, पर्यावरण और हर मां-बाप के चेहरे पर मुस्कान लाना। क्या आप तैयार हैं? बच्चों जवाब यस सर।
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डा. कलाम डीएमए पहुंचने के बाद बच्चों से सीधे रूबरू हुए। अपने संबोधन के बीच-बीच में वो बच्चों से सवाल पूछते रहे। उनको सफलता का मूल मंत्र बताते रहे। उन्होंने बच्चों को नालेज का इक्वेशन भी समझाया। उन्होंने कहा कि नालेज का इक्वेशन है -नालेज= क्रिएटिविटी+राइटईओअसनेस +करेज । उन्होंने कहा कि लर्निंग से क्रि एटिविटि आती है, क्रिएटिविटी से थिंकिंग बढ़ती है, थिंकिंग से नालेज बढ़ता है और नालेज से व्यक्ति महान बनता है।
उन्होंने बच्चों को हमेशा कुछ अलग हटकर सोचने को प्रेरित किया। डा. कलाम ने कहा कि लक्ष्य हमेशा कठिन होता है। युवाओं का तो यही लक्ष्य होना चाहिए मैं पूरे उत्साह के साथ अपने मिशन को हासिल की दिशा में कठिन परिश्रम करूंगा। डा. कलाम ने बच्चों से पूछा वे बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं। उनसे जब एक बच्ची ने सवाल तो पूछा तो डा. कलाम उससे पूछ बैठे तुम बड़ी होकर क्या बनना चाहती हो तो बच्ची ने कहा -डाक्टर। डाक्टर- वेरी नाइस। वेरी इंटेलिजेंट गर्ल। बच्चे जब डाक्टर कलाम के सवाल का सही जबाव देते तो कलाम उनका उत्साह बढ़ाने के लिए कहते- वेरी इंटेलिजेंट स्टूडेंट्स।
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