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बच्चों ने हाथ से लिखी कलाम की गाथा

Rampur Updated Tue, 22 May 2012 12:00 PM IST
रामपुर। इसे बच्चों का प्यार ही कहा जाएगा कि उन्होंने अपने पसंदीदा मिसाइलमैन की गाथा खुद अपने हाथों से तैयार कर पूर्व राष्ट्रपति डा.एपीजे अब्दुल कलाम को पेश की। किताब पाकर कलाम बोले, वेल्डन।

दयावती मोदी अकादमी में डा.एपीजे अब्दुल कलाम के आने का कार्यक्रम तय होने केबाद से ही स्कूली बच्चों में उत्साह देखने लायक था। हर कोई कुछ न कुछ नया करने की सोच रहा था। इसी सोच को अंजाम देने के लिए बच्चे दिन रात एक किए हुए थे। किसी ने प्रदर्शनी के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाई तो किसी ने पेटिंग बनाकर अपना हुनर दिखाया। बच्चों की इस भीड़ में चार बच्चे ऐसे भी थे जिन्होंने डा.कलाम के जीवन से जुड़ी घटनाओं, उनकी पसंदीदा कविताएं लिख डालीं। कक्षा 12 के हार्दिक, शिवांगी, श्रुतिका और वरुण कपूर ने विकास कथूरिया की देखरेख में कलाम के जीवन पर आधारित ट्रिब्यूट टू द लीजेंडस किताब लिखी। करीब सौ पेज की इस किताब के मुख्य पृष्ठ पर कलाम का कंप्यूटराइज्ड चित्र बनाया गया था। इस किताब को भीड़ के बीच बच्चों ने कलाम को पेश किया। किताब देखकर कलाम काफी खुश हुए। हार्दिक, शिवांगी, श्रुतिका और वरुण का कहना था कि इस किताब में कलाम की पसंदीदा कविताएं और गीत तो लिखे ही गए हैं साथ ही उनके जीवन से जुड़ी घटनाओं को भी संजीदगी के साथ पेश किया गया। किताब पाकर बच्चों से कलाम बोले, थैंक्स एंड वेल्डन।
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