नालेज मेक्स यू ग्रेट % कलाम

Rampur Updated Tue, 22 May 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। ज्ञान ही सफलता की सीढ़ी है। ज्ञान हासिल करके ही महान बना जा सकता है। शिक्षा से ही हमे सफलता की दुनिया में उड़ान भरने का मौका मिलता है। सफल होने के लिए आवश्यक है कि हम अपने ज्ञान के भंडार को निरंतर बढ़ाते रहे। अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कठोर परिश्रम करते रहें। हमेशा यह सोचें- आई विल विन।
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डा. कलाम सोमवार को रामपुर के दयावती मोदी एकेडमी में बच्चों के साथ सीधा संवाद कर रहे थे। डा. कलाम ने कहा कि जीवन में सफल होने के आवश्यक है कि हम अपने लक्ष्य निर्धारित करें। हमारे लक्ष्य कभी छोटे नहीं होने चाहिए। अच्छा तो यह होगा कि हम अपने लक्ष्य 20 साल से कम उम्र में निर्धारित कर लें। उसके बाद उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर ज्ञान अर्जित करते रहे और कठोर परिश्रम करते रहे। सपने पूरे करने के लिए पहले सपने देखना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि सफलता हासिल करने के लिए यह आवश्यक नहीं है कि आप कौन है? किस परिवार से संबंध रखते हैं। दुनिया में ऐसे अनेकों उदाहरण मिल जाएंगे जब लोगों ने विषम परिस्थितियों में भी सफलता का कीर्तिमान स्थापित किया है। डा. कलाम ने बच्चों को संदेश दिया कि वे स्वच्छ समाज, देश और दुनिया के बारे में सोचें। उनकी सोच हमेशा पोजटिव होनी चाहिए। थिंक डिफरेंट। क्योंकि हमारा लक्ष्य 2020 तक दुनिया की आर्थिक महाशक्ति बनना है। इस लक्ष्य को भारत के यूथ ही हासिल कर सकते हैं। क्योंकि दुनिया का हर चौथा यूथ इंडियन हैं। इसलिए हमें आज यह प्रण लेना चाहिए -एज ए यूथ आफ माई नेशन, आई वर्क एंड वर्क विद करेज टू एचीव सक्सेस इन आल द मिशंस।
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