आइसोलेशन वार्ड में 11 बच्चे भर्ती

Rampur Updated Sun, 20 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

रामपुर। शहर के बच्चों में डायरिया फैलने लगा है। इससे अभिभावकों में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है, लेकिन वहां भी कोई सुधार होता नजर नहीं आ रहा है। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड के बेड भी पीड़ित बच्चों से भर गए हैं। लेकिन स्वास्थ्य महकमा कोई सुध लेता नहीं दिख रहा है।
विज्ञापन

शहर में पानी तक लोगों को शुद्ध नहीं मिल रहा है। पालिका के अधिकांश ओवर हेड टैंकों में ब्लीचिंग पाउडर न मिले होने की शिकायतें आती रही हैं। यही नहीं जगह-जगह गंदगी और उससे उठती दुर्गंध जैसी समस्याओं पर न ही पालिका के अफसर ध्यान देते है और न ही स्वास्थ्य महकमा। बाजारों में बिक रहे फल, सब्जी या अन्य पदार्थों की भी बिक्री बगैर जांच के धड़ल्ले से हो रही है। लेकिन न प्रशासन और न ही स्वास्थ्य महकमा कोई अंकुश लगाता दिख रहा है। आलम यह है कि बीमारियां घर करने लगी हैं। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में ही 11 बच्चों को भर्ती किया गया है। इनमें अधिकांश बच्चों की हालत शुक्रवार रात से ही बिगड़ी है। पेट दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायतें जैसे ही अभिभावकों को नजर आईं, अभिभावक चिंतित हो उठे। आनन-फानन में बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वार्ड में बेड भी पड़ने लगे कम
रामपुर। डायरिया फैलने से बीमार बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। आलम यह है कि आइसोलेशन वार्ड में एक बेड पर दो बच्चों को सुलाना पड़ रहा है। वार्ड में तीन माह की महर, आठ माह के शोएब, सवा वर्षीय अरमान अली, तीन वर्षीय शबाना, तीन वर्षीय जाउलहसन, पांच वर्षीय आरिश, पांच वर्षीय अजीम, आठ वर्षीय शाहिना, नौ वर्षीय आदिल, ग्यारह वर्षीय फरमान, चौदह वर्षीय वैशाली आदि बच्चे भरती हैं। इनकी हालत खराब है और वार्ड में बेडों की संख्या कम पड़ने लगी है।

उल्टी दस्त से पीड़ित बच्चे भरती किए जा रहे हैं। आइसोलेशन वार्ड में उनका इलाज भी चल रहा है। मरीजों को परेशानी न हो इसके प्रयास किया जा रहे हैं।
डा. एके शर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us