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खराब पानी से बच्चे डायरिया के शिकार

Rampur Updated Sun, 20 May 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। सावधान हो जाइए! ओटी टेस्ट (आर्थोटोडिलीन टेस्ट) में पालिका का पानी फिर फेल हो गया है। लोगों को दूषित जल पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। यह जांच एक दर्जन मुहल्लों में हुई थी, जहां परिणाम निगेटिव सामने आएं हैं। ऐसे में जहां पालिका लापरवाही कर बीमारियों को बढ़ावा दे रही है तो वहीं प्रशासन और सेहत महकमा इस लापरवाही पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है।
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शहर का पानी पीने लायक नहीं है। कई मुहल्लों में दूषित पानी सप्लाई किया जा रहा है। पानी को शुद्ध करने के जो इंतजाम होने चाहिए, वह नहीं अपनाए जा रहेहैं। इससे शुद्घ पानी घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इस वर्ष की बात करें तो हर महीनें कई नमूने फेल साबित हो चुके हैं, लेकिन फिर भी पालिका नहीं चेत रही है। मई माह में भी पेयजल की टेस्टिंग भी की गई थी। सेहत महकमें की एक टीम ने पालिका के कर्मचारियों के साथ शहर के तमाम मुहल्लों में ओटी टेस्ट से पानी की जांच की थी। पखवाड़े भर चली इस जांच में सात नलकूपों के नमूने लिए गए थे, यह सभी फेल घोषित हो गए हैं। वहीं 52 नमूने पॉजिटिव भी आए हैं। आर्थोटोडिलीन टेस्ट से निगेटिव हुए नमूनों से यह बात साफ हो गई है कि ओवर हेड टैंकों में ब्लीचिंग पाउडर नहीं घोला जा रहा है, इससे घरों में आ रहे दूषित पानी को पीकर लोग बीमार हो रहे हैं।


-नमूने फेल एक नजर में-
3 मई - हाजियानी चौक और तवन चियान से लिया नमूना निगेटिव, यहां फिजीकल कालेज नलकूप से पानी सप्लाई होता है।
4 मई - भैंस खाना और सराय गेट से लिया नमूना निगेटिव, यहां फिजीकल कालेज के नलकूप से पानी सप्लाई होता है।
7 मई - मुहल्ला सीपियान और जाटव बस्ती से लिया नमूना फेल, यहां घेर नज्जू खां नलकूप से पानी सप्लाई होता है।
8 मई - नालापार से लिया पानी का नमूना भी निगेटिव, यहां अल्ला हू दादा की मजार से पानी सप्लाई होता है।
9 मई - गंगापुर कचहरी के सामने से लिया पानी का नमूना भी फेल, यहां वाटर बाक्स नलकूप से पानी सप्लाई होता है।
10 मई - पक्का बाग दालमील से लिया पानी का नमूना निगेटिव, यहां घेर नज्जू खां नलकूप से पानी सप्लाई होता है।
15 मई -मुहल्ला रज्जर चौकी रोड और अंगूरी बाग, यहां अंगूरी बाग नलकूप से पानी सप्लाई होता है।

पानी की जांच लैब के अलावा आर्थोटोडिलीन टेस्ट (ओटी) से भी की जाती है। यह एक कैमिकल होता है, जो पानी की गुणवत्ता को बताता है। इस कैमिकल में पानी डालने के बाद यदि वह लाल हो जाती है, तो पानी ब्लीचिंग पाउडर युक्त मान लिया जाता है। लेकिन यदि पानी सफेद रहता है तो उसे अशुद्घ करार कर दिया जाता है।
डा. वीके त्यागी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी


मैंने हाल ही में ईओ का चार्ज संभाला है। पानी के दूषित होने की शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी। ओवर हेड टैंकों में ब्लीचिंग पाउडर डाला जाएगा। यह निर्देश संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए जाएंगे और इसे सख्ती से पालन भी करवाया जाएगा।
शहंशाह वली खां, अधिशासी अधिकारी, पालिका

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