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पांच जनाजे देख आंसुओं में सिमटा मिलक चिकना

Rampur Updated Thu, 17 May 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। दो बहनों समेत पांच हंसते-खेलते बच्चों की आवाज अचानक हमेशा-हमेशा के लिए खमोश हो गई। वह चारपाई पर ऐसी नींद सोए हुए थे कि उन्हें उठाना नामुमकिन था। मौत की गहरी नींद में सो चुके पांच बच्चों के जनाजे को जिसने भी देखा वह अपने आंसू रोक नहीं पाया। पूरा गांव मातम में डूबा हुआ था। दिन भर यहां चूल्हे नहीं जल सके। हर किसी की जुबां पर अब हादसे पर अफसोस जताने के कुछ भी बाकी नही बचा था।
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तालाब किनारे से मिट्टी निकालकर उसे घर की मरम्मत करने का काम कोई नया नहीं है। रोजाना की तरह ही बुधवार की सुबह दैनिक दिनचर्या निपटाने के बाद ग्रामीण अपने-अपने काम पर निकल चुके थे। घर के बच्चे तालाब किनारे मिट्टी लेने चले गए थे, जबकि कई लोग आसपास खेतों में काम करने लगे। सुबह करीब नौ बजे तालाब किनारे मिटट्ी की ढांग अचानक बच्चों पर आ गिरी, जिसमें पांच बच्चे दब गए और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया। पुलिस से लेकर प्रशासनिक अफसर तक पहुंचे, लेकिन इससे पहले ही पांचों शवों को निकाल लिया गया था। सभी पांचों शवों को गांव में ही एक मकान में रखे गए थे। यहां पूरा माहौल गमगीन हो चुका था। गांव में हर ओर से चीत्कार निकल रही थी,जिसने भी हादसे की सुनी वह मौके की ओर दौड़ पड़ा। हादसे में एक ही परिवार की दो बेटियां भी मौत के मुंह में समा चुकी थी,जबकि दूसरे परिवार की एक बेटी व बेटा शामिल रहा है। दोनों परिवारों की दुनिया में भूचाल आ गया था। दिन भर यहां मातम का माहौल बना रहा। देर शाम यहां भीड़ लगी रही। पूरा गांव आंसुओं के सैलाब में डूबा रहा।

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