विधायक और जिपं अध्यक्ष आमने-सामने

Rampur Updated Wed, 16 May 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम और बसपा विधायक यूसुफ अली के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। इन दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर विधानसभा का चुनाव समाप्त होने के बाद ही शुरू हो गया था। यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब जिला पंचायत अध्यक्ष ने विधायक की मां खैरुलनिशा जो वार्ड 13 से जिला पंचायत सदस्य हैं का इस्तीफा स्वीकार कर लिया।
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विधायक का आरोप है कि अब्दुल सलाम ने उनकी मां का इस्तीफा धोखे से साईन कराया है। वहीं अब्दुल सलाम का कहना है कि खैरुलनिशा ने सीडीओ को 7 जनवरी को इस्तीफा दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में विधायक ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष लोकतंत्र की हत्या करने पर उतारू हो गए हैं। वे नहीं चाहते हैं कि जिला पंचायत का कोई भी सदस्य स्वतंत्र होकर अपनी बात कह सके। उन्होंने कहा है कि वार्ड 13 से जिला पंचायत की सदस्य का इस्तीफा स्वीकार करके पूरे जनपद की ग्रामीण जनता का अपमान किया है। लोकतंात्रिक प्रक्रिया में यदि कोई सदस्य इस्तीफा देता है तो अध्यक्ष संबंधित सदस्य से कई बार यह पूछता है कि वह इस्तीफा क्यों देना चाहता है। यहां तो अध्यक्ष ने धोखे से इस्तीफा साईन करा लिया और उसे स्वीकार कर लिया है।
विधायक ने कहा है कि खैरुलनिशा जब इस प्रकरण को लेकर हाईकोर्ट पहुंची हैं तो जिला पंचायत अध्यक्ष ने वहां कैबिएट दायर कर दी है। विधायक के मुताबिक बुधवार को इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। दूसरी ओर जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम का कहना है कि विधायक उन पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने पूरे ईमानदारी के साथ उनका साथ दिया। विधायक की मां ने जिला पंचायत की सदस्यता से स्वैच्छा से इस्तीफा दिया है, जिससे स्वीकार किया गया है। सलाम का कहना है कि विधायक यूसुफ अली उनको जिला पंचायत अध्यक्ष के पद से हटाने का षड़यंत्र रच रहे हैं, लेकिन वे इसमें सफल नहीं होंगे, क्योंकि 27 में से 20 सदस्य मेरे साथ हैं।
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