बीएसए पर लटकी कार्रवाई की तलवार

Rampur Updated Fri, 11 May 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। बीएसए की बार-बार बीमारी उनकी परेशानी का सबब बनती जा रही है। बिना अनुमति के जिले से दूसरी बार गायब होने के बाद बीएसए डीएम के निशाने पर आ गए हैं। उन्होंने बीएसए के बिना अनुमति के गायब हो जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जेडी से पूरे मामले की आख्या मांगी है। जेडी के आख्या देने के बाद बीएसए के खिलाफ सीधे निदेशालय को भी लिखा जाएगा।
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जिला बेसिक शिक्षाधिकारी नरेंद्र पाल सिंह इन दिनों सुर्खियों में हैं। वह रामपुर में लंबे समय से जमे हुए हैं। उन पर बसपा सरकार में नेताओं के काफी करीबी होने का भी ठप्पा लगा हुआ है। सत्ता परिवर्तन के बाद प्रमोशन और समायोजन को लेकर वह नगर विकास मंत्री के भी निशाने पर आ गए थे। बीएसए पिछले दिनों 28 दिन के मेडिकल अवकाश पर चले गए थे। किसी तरह वह वापस आए और चंद दिन बाद ही वह शुक्रवार की शाम को बिना किसी को कुछ बताए हुए गायब हो गए। बीएसए ने बाद में बीमार होने की सूचना जिलाधिकारी को मौखिक तौर पर देने की बात कही। हालांकि बुधवार को उन्होंने लिखित तौर पर विभाग को मेडिकल पर जाने की चिट्ठी भी भेज दी। बीएसए बिना जिलाधिकारी की अनुमति के गायब हो गए। यह दूसरा मौका था जब बीएसए अचानक गायब हुए। इस दफा बीएसए के गायब होने को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने संयुक्त शिक्षा निदेशक के साथ ही अन्य उच्चाधिकारियों को कड़ा पत्र लिखकर बीएसए के बिन बताए गायब होने की आदत के बारे में अवगत करा दिया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि बिन बताए मुख्यालय छोड़ने के आरोप में क्यों न उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी जाए। डीएम ने इस पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए चेतावनी भी जारी की है कि जेडी से इस पूरे मामले की आख्या तलब की है। डीएम की इस कार्रवाई से बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
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