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कम पड़ गए बोरे, 68 गेहूं खरीद केंद्र बंद

Rampur Updated Thu, 10 May 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। बारदाना खत्म होने से गेहूं की सरकारी खरीद पर बभनेक लग गए। विभिन्न एजेंसियों के 68 केंद्र बंद हो गए हैं। किसानों को केंद्रों से गेहूं वापस लाना पड़ रहा है। कई और केंद्रों पर बारदाना का संकट आने वाला है।
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जिले को इस बार 90 हजार मीट्रक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है। इस बार मंडी के मुकाबले सरकारी रेट ज्यादा हैं। इसलिए किसान अपना गेहूं सरकारी केंद्रों पर तुलवाना चाहते हैं। शुरूआत में 94 केंद्र खोले गए। गेहूं की अधिकृत उत्पादकता को देखते हुए केंद्रों की तादाद बढ़ानी पड़ी। विभिन्न एजेंसियों के 103 केंद्र खोले जा चुके हैं। शुरूआत में खरीद में तेजी आई और पिछले साल के मुकाबले ज्यादा खरीद कर ली गई। कुछ दिन से वारदाने की कमी आड़े आने लगी। हालांकि अधिकारियों को उम्मीद थी कि बारदाना मिल जाएगा। अभी तक बारदाना नहीं मिल सका है। कुछ एजेंसियों ने कई दिन तक उधार के बोरों से काम चलाया पर उन्हें अब उधार में भी बोरे नहीं मिल रहे हैं। खरीद पर पूरी तरह बभनेक लग गए हैं।
डिप्टी आरएमओ जेएस तेवतिया ने बताया कि अब तक 33322 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर ली गई है। पिछले साल अब तक 29890 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी। अब खरीद पर बेभनेक लग गए हैं। विभिन्न एजेंसियों के 68 केंद्रों पर बोरे नहीं है। वहां तौल बंद कर दी गई है। बाकी कें द्रों पर भी कम बोरे बचे हैं। उन्होंने बताया कि शासन से 18 लाख बोरों की डिमांड की गई थी। कम बोरों की सप्लाई की गई। जिलाधिकारी की ओर से बारदाने की डिमांड होने के के बाद अब तीन-चार दिन में कलकत्ता से रैक आने की उम्मीद है। किसानों से कुछ दिन बाद गेहूं लाने की अपील की गई है। बिचौलयों के हाथों गेहूं नहीं बेचने की गुजारिश भी की गई है।
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