विज्ञापन

किले को तामीर कराने में लगे थे अस्सी साल

Rampur Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
रामपुर। रामपुर की शान माने जाने वाला किला सौ साल से ज्यादा समय का इतिहास समेटा हुआ है। इसक ो तामीर कराने में ही अस्सी साल का वक्त लग गया था।
विज्ञापन
रामपुरी किला नवाबों की शान माना जाता है। रामपुर स्टेट से पहले नवाब ने इसका निर्माण क राया था। ऐतिहासिक किले पर आंच आता देख पूर्व सांसद बेगम नूरबानो और उनके बेटे नवेद मियां ने कोर्ट में जो याचिका दायर की है उसमें कहा गया है कि किला सौ साल से ज्यादा पुराना है। किले की पूर्वी दीवार तीस फुट ऊंची है और दस फुट चौड़ी है। इसका निर्माण उनके पूर्वजों ने 1825-1905 तक कराया था। यानि किले के निर्माण में अस्सी साल का वक्त लग गया। याचिका में यह भी कहा गया है कि इसी किले में एशिया की पहली विख्यात रजा लाइब्रेरी भी है। इसके अलावा रंग महल में महिला डिग्री भी बनाया गया है। उनका आरोप था कि प्रशासन एतिहासिक धरोहर को नष्ट कर उसका स्वरूप बदलना चाहता है।


बीस हजार रुपये आंकी किले की कीमत
रामपुर। ऐतिहासिक रामपुर किले को बनने में भले ही अस्सी साल का लंबा वक्त लग गया हो,लेकिन पूर्व सांसद बेगम नूरबानो ने किले की दीवारों की कीमत महज बीस हजार रुपये ही आंकी है। उनकी ओर से कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि किले की दीवारों की कीमत उनके अनुसार बीस हजार रुपये होती है,जिस पर पर्याप्त न्याय शुल्क अदा किया गया है।


अनिल ढींगरा को मिली राहत
रामपुर। कोर्ट ने जिलाधिकारी रामपुर को पूर्व सांसद बेगम नूरबानो व उनकेबेटे नवेद मियां की ओर से कोर्ट में दायर की गई याचिका में पक्षकार बनाए जाने पर राहत देते हुए उनका नाम डिलीट करने के आदेश दिए है। पूर्व सांसद ने डीएम रामपुर को पद व उनके नाम से पक्षकार बनाया था।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Related Videos

RAJASTHAN: सती प्रथा के खिलाफ राजपूतों से भिड़ गया था ये नेता

जब रूप कंवर सती कांड सामने आया तो राजस्थान का पूरा राजपूत समाज सती प्रथा की हिमायत में खड़ा हो गया था। उस समय के राजनीतिक नेताओं में इतना दम नहीं था कि वो राजपूत समाज के सामने खड़े हो जाएं। लेकिन भैरोंसिंह शेखावत में था।

17 अक्टूबर 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree