बुंदेलखंड पैकेज का धन अधिकारी व नेता डकार गए

Hamirpur Updated Wed, 22 Aug 2012 12:00 PM IST
मौदहा (हमीरपुर)। पूर्व सांसद गंगाचरन राजपूत ने दावा किया कि बुंदेलखंड की बदहाली व खुदकुशी तभी रुक सकेगी जब इसे अलग प्रदेश बनाया जाए। वह कसबे में ईद मिलन के सिलसिले में मंगलवार को आए।
कसबे के डाक्टर शाहिद अली के आवास पर पूर्व सांसद मीडिया से रुबरु हुए। इसके पूर्व उन्होंने मुस्लिम वर्ग के साथ ईद क ी खुशियां बांट सभी को बधाई दी। उन्होंने इस मसले पर सभी राजनैतिक दलों को निशाने पर रखा। कहा कि किसानों की खुशहाली का जो सपना संजोया था वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। बुंदेलखंड पैकेज को नेता और अधिकारी बंदरबांट कर गए। यही वजह है कि आज भी यहां के मजदूरों का पलायन जारी है। जरूरत इस बात की है कि एक संघर्ष समिति का गठन हो और गांव गांव जनजागरण किया जाए। लोगों को बताया जाए कि बदहाली व कर्ज दूर करने के लिए खुदकुशी का सहारा बुजदिली है बल्कि अपने अधिकारों के लिए मिलकर संघर्ष करना होगा। वह प्रधानमंत्री को इस मामले में जमीनी हकीकत की जानकारी देने के लिए पत्र लिखेंगे और बुंदेलखंड के किसानों की कर्ज माफी की मांग करेंगे। प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बुंदेलखंड में बालू और पत्थर की संपदा अपार है। कहा कि बालू के पट्टे किसानों क ो दिए जाएं। और रायल्टी में पचास फीसदी में कमी की जाए। 800 मेगावाट बिजली बुंदेलखंड पैदा करता है। इसके बावजूद भी बुंदेलखंड अंधेरे में रहता है। मुरादाबाद जैसे कई जिले जो एक भी मेगावाट बिजली का उत्पादन नहीं करते है भरपूर बिजली का उपभोग कर रहे है। राजपूत के ईद मिलन में काजी शफकत उल्ला, चौधरी कलीम, मोहम्मद शाकिर, सुनील गुप्ता, राजेंद्र सोनी, मन्ना अहिरवार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

Spotlight

Related Videos

एक ऐसा गांव जहां मगरमच्छ के साथ घोड़ा-घोड़ा खेलते हैं बच्चे!

मगरमच्छ, एक ऐसा विशालकाय जीव जो एक बार में ही इंसान को कच्चा चबा सकता है। इंसान तो छोड़िए मवेशियों को भी अगर मगरमच्छ एक बार दबोच ले तो उसके जबड़े से बाहर आना मुश्किल है।

20 जून 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen