613 इंदिरा आवास अभी भी अधूरे

Hamirpur Updated Sun, 19 Aug 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर। वर्ष 2002 में बनी सर्वे की सूची के आधार पर बीपीएल परिवारों को इंदिरा आवास का लाभ दिया जा रहा है। इसके बाद कई गांव के गरीबों को बीपीएल सूची से अलग रखा है। ऐसे में गरीबों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। इंदिरा आवास योजना में बीते वित्तीय वर्ष में आए आवासों को मिलाकर चालू वित्तीय वर्ष में 1031 गरीबों को आवास दिए है। अभी 613 इंदिरा आवास अपूर्ण है।
गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले ग्रामीण आवासहीन पात्र लाभार्थियों को आवास बनवाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। इस योजना में भारत सरकार 75 और प्रदेश सरकार 25 प्रतिशत धनराशि खर्च कर रही है। वर्ष 2010-11 में शासन ने प्रति आवास 45 हजार रुपए धनराशि निर्धारित की गई है। इस योजना में 60 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं 40 प्रतिशत अन्य गरीब वर्ग को दी जा रही है। वित्तीय वर्ष 2011-12 में भारत सरकार से बीते वर्ष अगस्त में 145.472 लाख रुपए की धनराशि व राज्य सरकार ने 40.260 लाख की धनराशि इंदिरा आवासों के लिए आवंटित की। इस पर 862 आवासों के निर्माण के लिए 387.93 लाख का खर्च निर्धारित है। फिलहाल डीआरडीए ने 255.850 लाख व्यय किए है। विकासखंड कुरारा में 215 गरीबों को आवास मिले है। इसमें 93 आवास अपूर्ण है। सुमेरपुर में 33 आवास निर्माणाधीन बताए जा रहे है जबकि इस विकासखंड में 200 लोगों को इनका वितरण किया है। मौदहा में कुल 340 आवासों में 112 निर्माणाधीन है। मुस्करा में 330 में 43, राठ में 334 में 152, गोहांड में 217 में 152 व सरीला ब्लाक में कुल 257 इंदिरा आवासों में अभी 120 का निर्माण होना बताया जा रहा है। 2002 में कराए गए बीपीएल परिवारों के सर्वे के बाद फीडिंग में हुई लापरवाही से कई गांव ऐसे है जिनमें बीपीएल परिवार ही नहीं है।

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