मिडडेमील की मेवा टीचरों का बना नाश्ता

Hamirpur Updated Sat, 18 Aug 2012 12:00 PM IST
गहरौली (हमीरपुर)। गांव एवं आसपास के सरकारी व अर्द्धसरकारी विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन में गुणवत्ता युक्त भोजन छात्रों को नहीं मिल रहा है। खीर में पड़ने वाला मेवा टीचरों का नाश्ता बन गया है। इंटर कालेज में पढ़ रहे छात्रों के अभिभावकों ने डीएम को पत्र लिखकर जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
सरकार की मिडडेमील योजना का क्षेत्र के अधिकांश विद्यालय के टीचर इसका दुरुप्रयोग करते है। ऐसा ही मामला गांव के गोविंद इंटर कालेज में आया है। विद्यालय के कक्षा 6 के छात्र मोहम्मद शहरुख के अभिभावक मास्टर गफूर व छात्र साकेत के पिता राजू द्विवेदी एवं कक्षा 8 के छात्र सत्यम व फिरोज के अभिभावक रमेश दर्जी व बदलू शेख ने आरोप लगाया है कि विद्यालय में बच्चों को पूरा भोजन नहीं दिया जाता है। दोबारा रोटी व सब्जी मांगने पर भोजन प्रभारी निर्भय सिंह सेंगर खाना की जगह छात्रों को डंडा दिखाकर डपट देते है। इतना ही नही बच्चों को मिलने वाला भोजन विद्यालय का समस्त स्टाफ खा जाता है और खीर में पड़ने वाला मेवा को नाम मात्र डालकर खुद के नाश्ते में उपयोग किया जा रहा है। इस मामले में विद्यालय के प्रधानाचार्य बलराम राजपूत ने कहा कि छात्रों को भोजन मेन्यू के अनुसार दिया जा रहा है। इसमें मानक का पूरा ध्यान दे रहे है। कोई शिकायत कर रहा है तो इसकी निगरानी की जाएगी।

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18 फरवरी 2018

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