दहेज उन्मूलन, भ्रष्टाचार के खिलाफ कर रहे जागरूक

Hamirpur Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
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स्वीडन में रहते हुए देश की माटी को नहीं भूले डा.रविकांत
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बिवांर (हमीरपुर)। आज हम आजादी की वर्षगांठ मना रहे है। देश ने विकास तो खूब किया। लेकिन समाज में आज भी कई कुरीतियां व रूढ़िवादिता व्याप्त हैं। जिन्हें दूर करने के लिए देश को आज भी महान विभूतियों की जरूरत है। इन्हीं का एक ज्वलंत उदाहरण छेड़ीबसायक गांव के भारत उदय कर्मयोगी आश्रम के संस्थापक डा.रविकांत पाठक हैं, जो यूनिवर्सिटी ऑफ गोथनवर्ग स्वीडन में प्राध्यापक एवं वैज्ञानिक पद पर कार्यरत रहते हुए भी दहेज उन्मूलन, भ्रष्टाचार व पर्यावरण जैसे कार्य करा रहे है।
मुस्करा ब्लाक के छोटे से गांव छेड़ी बसायक में जन्मे डा.रविकांत पाठक वर्तमान में स्वीडन में वायुमंडलीय विषमता, जलवायु परिवर्तन एवं वायु प्रदूषण में शोधकार्य कर रहे है। उनके हृदय में देशप्रेम का अटूट भाव है। उन्होंने 2007 में गंाव में भारत उदय कर्मयोगी आश्रम की स्थापना की। डा.रविकांत पाठक पर्यावरण के साथ ही सामाजिक क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान कर रहे है। उन्होंने समाज में फैली ज्वलंत समस्या दहेज प्रथा को लेकर रविवार को दहेज उन्मूलन पदयात्रा निकाली। जिसमें लोगों ने दहेज न लेने का संकल्प लिया। वहीं आश्रम की ओर से उन्हें सम्मानित भी किया गया जिन्होंने बिना किसी दान दहेज की शादी की। डा.पाठक ने बताया कि आश्रम की ओर से कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए भी एक अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही भ्रष्टाचार के खिलाफ भी पिछले दो वर्षों से जागरूकता अभियान चला रखा है।
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