मजिस्ट्रेटी जांच शुरू निलंबित थानाध्यक्ष सहित आठ के बयान दर्ज

Hamirpur Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
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मुस्करा थाने के अंदर मारे गए बद्दल का मामला
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मौदहा (हमीरपुर)। मुस्करा थाने के अंदर 4 अगस्त को बद्दल की हुईं मौत के मामले की सोमवार से मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई। इस मामले में पहले दिन मृतक की विधवा व मुस्करा के थानाध्यक्ष रहे जगदेव यादव सहित 8 लोगों ने उपजिलाधिकारी न्यायालय में बयान दर्ज कराए।
मुस्करा निवासी बद्दल की थाने के अंदर वायलेस रूम में उसी के एक साथी ने रात को सोते समय हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस पर पथराव हुआ। जबकि पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, लाठीचार्ज किया। मामला बढ़ते देख जिलाधिकारी बी चंद्रकला ने मृतक के परिवार को पारिवारिक लाभ योजना, नौकरी देना, बच्चों की पढ़ाई तथा रेडक्रास से 20 हजार रूपए नगद देने के साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से भी सहायता दिलाए जाने की घोषणा की थी। साथ ही इस मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे। वहीं पुलिस अधीक्षक सैय्यद वसीम अहमद ने थानाध्यक्ष मुस्करा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। इस मामले में उपजिलाधिकारी जेबी सिंह द्वारा 13 अगस्त से मजिस्ट्रीरियल जांच के दिए आदेश के तहत सोमवार को आठ लोग बयान दर्ज कराने आए। इसमें थानाध्यक्ष जगदेव प्रसाद, सब इंस्पेक्टर संतोष कुमार त्रिपाठी, थाने में उस वक्त ड्यूटी पर रहे जगदीश प्रसाद मोर्हरिर व वायरलेस कक्ष में तैनात राजाभैया होमगार्ड ने बयान दर्ज कराए। सुमित कुमार होमगार्ड जो घटना के दिन पहरे पर था, मृतक का भाई इदरीश व मृतक की पत्नी हूरबानो ने भी अपने बयान दर्ज कराए। हूरबानो से जब बात की तो ऐसा प्रतीत हो रहा था कि पुलिस के प्रति उसके रूख में कुछ कमी आई है। लेकिन क्या बयान दर्ज कराए यह परे है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि यह जांच जारी रहेगी और अभी कई महत्वपूर्ण लोगों के इस मामले में बयान दर्ज होने है। इसके अलावा जो कोई इस घटना की जानकारी रखते हो वह भी इस मामले में अपने बयान दर्ज करा सकते है।
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