शपथपत्र न मानने पर वकील भड़के

Hamirpur Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
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तहसीलदार ने एक दिन का समय मांगकर मामला शांत कराया
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मौदहा (हमीरपुर)। तहसील भवन में नोटरी शपथपत्र पर आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र बनाए जा रहे है। इस मामले का स्थानीय अधिवक्ता विरोध कर रहे है। सोमवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत तहसील न्यायालय में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन व नारेबाजी करते हुए ओसी शपथपत्र मानने के लिए दबाव बनाया। लेकिन तहसीलदार ने विचार विमर्श के लिए एक दिन का समय मांगा तब कहीं जाकर वकीलों का गुस्सा शांत हुआ।
कसबे की तहसील में आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र बनाए जाने के लिए ओसी शपथपत्र न माने जाने से वकीलों में आक्रोश है। इन वकीलों ने पूर्व में तहसीलदार को एक ज्ञापन देकर ओसी शपथपत्र पर आय, जाति व निवास में मान्य किए जाने की मांग की थी। जब मांग पूरी न हुई तो वकीलों ने नारेबाजी कर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिया था। जिससे चेतावनी देते हुए सोमवार तक का समय दिया था।
इसी क्रम में सोमवार को वकीलों ने आय, जाति व निवास प्रमाणपत्रों में अपने प्रमाणपत्र लगाए तो संबंधित बाबू ने स्वीकार नहीं किए। इस पर वकील भड़क गए और वरिष्ठ अधिवक्ता बाबूराम मिश्र के नेतृत्व में अधिवक्ता आलोक निगम, फिरोजुद्दीन, रामगोपाल पाल, वीबी यादव, सिद्धार्थ मिश्रा, वसी अहमद, जावेद अहमद, अशोक कुमार वर्मा, मोहम्मद वसीम व रमाकांत प्रजापति आदि दर्जनों वकीलों ने तहसीलदार न्यायालय पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। बाद में अपने चेंबर से उठे तहसीलदार राम अक्षयवर ने वकीलों से कहा कि वह एक दिन का मौका उन्हें और दें। जिससे वह मामला समझ सके और अधिकारियों से विचार विमर्श कर सके।

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