बंधी में संग्रहीत पानी निकालने का विरोध

Hamirpur Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
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भरूआसुमेरपुर (हमीरपुर)। विकासखंड क्षेत्र के टेढ़ा गांव स्थित बंधियो की मरम्मत करने की बजाए विभागीय कर्मचारी बारिश से संग्रहीत पानी पटरे खोलकर निकाल रहे हैं। ग्रामीणों के विरोध पर कर्मचारियों ने विधायक और प्रशासन का दबाव बता पल्ला झाड़ लिया। जिससे ग्रामीणों आक्रोश व्याप्त है।
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बुंदेलखंड में जल संचयन के लिए सैकड़ों योजनाएं संचालित है। विभिन्न विभागों द्वारा बारिश के पानी का संचय कर भूगर्भ जलस्तर ऊपर उठाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके चलते बंधियों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही केंद्र सरकार की मनरेगा योजना में भी खेत तालाब व बंधियों के निर्माण में जोर दिया जा रहा है। इसी के चलते टेढ़ा गांव में भी 1962 में बंधियों का निर्माण हुआ। जो मौजूदा समय में भी पुख्ता एवं पूर्ण सुरक्षित है। पिछले हफ्ते हुई लगातार बारिश से बंधी पानी से लबालब है। इस पर बंधी विभाग के कर्मचारियों ने पटरे खोलकर पानी निकालना शुरू कर दिया। जिस पर गांव के राकेश यादव, रामकिशोर सिंह, राजबहादुर सिंह, ओमेश प्रताप सिंह, कल्लू सिंह परिहार, मुन्नू तिवारी, कामता प्रजापति, छोटे यादव, राजेंद्र सिंह यादव सहित 50 किसानाें ने इसका विरोध किया। जिस पर बंधी विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें विधायक व प्रशासन के दबाव के चलते पानी छोड़ना पड़ रहा है। क्योंकि गांव के कुछ लोगों ने बंधी के फूटने की शिकायत सदर विधायक साध्वी निरंजन ज्योति से की।
उधर ग्रामीणों का कहना है कि सदर विधायक को पानी निकलाए जाने के बजाए कटाव वाले स्थानों पर बंधियाें की पुराई किए जाने के निर्देश दिए जाने चाहिए। उधर सदर विधायक का कहना है कि उन्होंने ऐसा कोई निर्देश नही दिया है। कहा कि संबंधित विभागीय अधिकारियों को उन्होंने बंधी के पुख्ता किए जाने को जरूर कहा है।
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