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ग्रिड फेल होने से आम दिनचर्या ध्वस्त

Hamirpur Updated Tue, 31 Jul 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर। ग्रिड फेल होने से जिले में रविवार से आधी रात से बिजली गुल है। बिजली न मिलने से रात में लोग गर्मी के चलते जागते रहे। साथ ही अस्पतालों का हाल और भी बुरा रहा। ऐसे हालात देखकर भी अस्पताल प्रशासन ने जनरेटर चलाने की जहमत नहीं उठाई। वहीं बिजली न मिलने से पेयजल आपूर्ति ठप रही। लोगों की लंबी लाइन हैंडपंपों पर लगी रही।
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बिजली गुल होने से जिले का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। इसी के साथ बीती रात करीब ढाई बजे से अचानक बिजली गुल हो गई। बिजली न मिलने से लोग उमस भरी गर्मी के चलते बिस्तर छोड़कर छतों और सड़कों पर घूमने लगे। सबसे बड़ी दिक्कत महिलाओं और छोटे बच्चों को हुई। घरों में कैद दुधमुंहे के रोने चिल्लाने की आवाजें सुनाई दी। सुबह सहरी के समय भी बिजली न मिलने से लोगों को दिक्कत हुई। पेयजल की सप्लाई बंद रहने से लोगों को बूंद बूंद पानी को तरसना पड़ा। सुबह तक बिजली न आने पर स्कूल जाने वाले बच्चों को नहाने धोने में विलंब हुआ। कार्यालयों सहित काम पर जाने वाले लोगों को भी पेयजल आपूर्ति न मिलने से दो चार होना पड़ा। दिन में बढ़ी उमस के बीच बिजली के सहारे रहने वाले कर्मचारी दफ्तरों में पसीने से तरबतर देखे गए। देर रात बिजली गुल हो जाने से सबसे बुराहाल अस्पतालों का रहा। सदर अस्पताल में जनरेटर की व्यवस्था होने के बावजूद नहीं चलाया गया। जिससे मरीजों की हालत और बिगड़ गई। सोमवार को दिन भर बिजली न मिलने से लघु उद्योगों का हाल खराब है। आटा चक्की स्पेलर भी बंद रहे। सबसे ज्यादा समस्या बैल्डिंग मशीनों की दुकानों में देखी गई। दूर दराज से आए किसानों के कृषि यंत्रों की जुड़ाई नहीं होने पर उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
वर्षों बाद देखी ऐसी किल्लत
रोजदार सगीर अहमद ने कहा कि पिछले कई वर्षो में ऐसी बिजली की अघोषित कटौती देखी है। इधर सरकार बदलते ही बुंदेलखंड में बिजली का रोना और अधिक हो गया है। कहा कि तरावीह व सहरी के वक्त बिजली की कटौती से रोजदार दो चार हो रहे है।
बोहनी भी नहीं हो सकी
श्रीफोटो कापी एवं कंप्यूटर सेंटर के संचालक सौरभ श्रीवास्तव का कहना है कि मौजूदा समय में बीए, बीएससी के ऑन लाइन प्रवेश का कार्य तेज है। लेकिन बिजली कटौती से व्यवसाय चौपट हो रहा है। कहा कि उनका तो सोमवार दिन ही खराब हो गया और वह बोहनी को तरस गए।
मायूस लौटे किसान
मुख्यालय के हरीगेस्ट हाउस के निकट बैल्डिंग मशीन चलाने वाले टिकरौली निवासी पप्पू साहू का कहना है कि मौजूदा समय में खेती किसानी का कार्य तेज है। बिजली न आने से दुकान पर आए किसानों क ा वह काम नहीं कर सका। किसान भी मायूस होकर लौटे। कहा कि बिजली की कटौती ने उसके धंधे को चौपट कर दिया है।

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