वर्षा जल अमृत, इसे बर्बाद होने से रोकें

Hamirpur Updated Sun, 22 Jul 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर/सरीला। भूजल सप्ताह में कलेेक्ट्रेट के बैठक हाल में अपर जिलाधिकारी एचजीएस पुंडीर की अध्यक्षता हुई गोष्ठी में उन्होंने वर्षा के जल को संचयन करने व अत्यधिक जल दोहन पर रोक लगाने को कहा है।
शनिवार को लघु सिंचाई विभाग ने गोष्ठी का आयोजन किया। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि प्रतिवर्ष वर्षा कम होती जा रही है और जल दोहन अधिक हो रहा है। भू-जल स्तर में गिरावट भविष्य के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में उन्नति की है लेकिन अमूल्य संपदा जल पर किसी ने नहीं ध्यान नहीं दिया। वह दिन दूर नहीं है कि जब लोग पानी के लिए युद्ध करेंगे। नोडल अधिकारी एवं लघु सिंचाई के सहायक अभियंता सुभाषचंद्र ने बताया कि जल ही जीवन है। इसे बचाने के लिए संकल्प लेना चाहिए। मौदहा बांध के अधिशाषी अभियंता राजीव कुमार ने कहा कि वर्षा के जल को संचय किए जाने के लिए योजना बनाई जाए। गोष्ठी को उपकृषि निदेशक उमेश कटियार, डा.खुर्शीद खान, विमल चौधरी, यतेंद्र कुमार, कमल कटियार, कालिका प्रसाद, अर्जुन सिंह यादव, सूर्यनाथ सिंह, अशोक कुमार मौजूद रहे।
पर्यावरण का असंतुलन चिन्ता का विषय है। यह बात जिला भूमि संरक्षण अधिकारी हीरालाल ने विकासखंड में हुई भूजल संरक्षण गोष्ठी में कही।
भू गर्भ जल विभाग बांदा के सहायक अधिकारी श्यामसुंदर पाल ने वर्षा जल को अमृत बताया। इसे संरक्षित करने के तरीके बताए। इस मौके पर पशु चिकित्साधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि खेती में रसायनिक खादों का प्रयोग करने से पेयजल दूषित हो रहा है। सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) नरेंद्र सिंह ने कहा कि पानी की भीषण कमी है। अभी से 20-25 वर्ष तक जल का संचयन किया जाएगा तभी पहले जैसी स्थिति लाई जा सकती है। संस्थान के परियोजना समन्वयक सतीशचंद्र ने भी जानकारी दी। वन दरोगा स्वामीदीन ने भी विचार व्यक्त किए।
भूजल सप्ताह को लेकर जलनिगम द्वारा नगर के गुरुकुलम विद्यालय में गोष्ठी में बच्चों को जल संरक्षण के बारे में जानकारी दी गई। जल निगम के जूनियर इंजीनियर एके शर्मा ने बच्चों को जल बचाने के लिए प्रेरित किया और रोजमर्रा के कार्याें के दौरान नल की टोंटी को खुला न छोड़ें। इस मौके पर विद्यालय की प्रधानाचार्या रूपक गुप्ता मौजूद रहे। गोहांड प्रतिनिधि के अनुसार भूजल जागरूकता सप्ताह के तहत राजकीय बालिका इंटर कालेज की छात्राओं ने रैली निकालकर नगर वासियों को गिरते जल भूमिगत जल स्तर से सावधान किया। रैली का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या सविता शुक्ला ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस दौरान कालेज की अध्यापिकाएं शैली पांडेय, पारस रस्तोगी, अर्चना चौहान तथा जल संस्थान कर्मचारी मौजूद रहे।

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