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मौरंग खनन की जनसुनवाई की खानापूरी

Hamirpur Updated Fri, 20 Jul 2012 12:00 PM IST
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हमीरपुर। कुरारा क्षेत्र के कंडौर गांव के ग्रामीणों ने मौरंग खनन के पट्टो को लेकर हुई जन सुनवाई में अपने पक्ष के लोगों को बुलाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि मौरंग पट्टा जारी किए जाने से पर्यावरण चौपट हो जाएगा। बिना पोकलैंड व लिफ्टर मशीनों से खनन कार्य संभव नही है। आरोप लगाया कि खनन करने वालों ने कुछ गिने चुने लोगों को खुली मीटिंग में शामिल करवाकर जन सुनवाई की खानापूरी कर ली है।
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कंडौर गांव निवासी बद्री प्रसाद, नत्थू सिंह, मुन्ना खां, इदरीश, उपेंद्र सिंह, पप्पू, मनफूल सिंह यादव, रामराज, मुकेश कुमार, धर्मेंद्र, बबलू यादव, राघवेंद्र यादव, रमेश ने केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में कहा है कि पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए बालू/मौरंग खनन पट्टाें से संबंधित ग्राम पंचायतों में जन सुनवाई कराकर लोगों के विचार लेने थे। ग्रामीणों का कहना है कि 17 जुलाई को बेतवा नदी की नेठी मौरंग खदान को लेकर जन सुनवाई की गई। जिसमें खनन करने वालों ने कुछ लोगों को आर्थिक लाभ देकर अपने पक्ष में बयान करवा लिए है। जबकि आम आदमी को इस बैठक में ही शामिल नहीं होने दिया गया। नदी में लिफ्टर चलने से मछली, मगरमच्छ, कछुआ सहित अन्य जीवों का जीवन संकट हो जाएगा। इसी को लेकर ग्रामीणों ने इस खदान का पट्टा न दिए जाने की मांग की है। साथ ही उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय को दिए गए दिशा निर्देशों को पालन किया जाएगा।

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