एफआईआर दर्ज होने के बाद सचिव निलंबित

Hamirpur Updated Sat, 14 Jul 2012 12:00 PM IST
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भरूआसुमेरपुर (हमीरपुर)। विकासखंड क्षेत्र के पाराओझी गांव में मनरेगा की धनराशि के गबन के आरोपी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। तकनीकी सहायक के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य विकास अधिकारी को बीडीओ ने संस्तुति की है।
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अंबेडकर ग्राम पाराओझी के ग्रामीणों ने प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक ने मिलीभगत कर मनरेगा की धनराशि का बंदरबांट किए जाने की शिकायत ग्रामीणों ने की थी। जिलाधिकारी ने मामले की जांच नायब तहसीलदार व डीआरडीए के सहायक अभियंता से कराई। जांच टीम ने 7.54 लाख रुपए के गबन का मामला उजागर किया। इस पर खंड विकास अधिकारी पीएन दीक्षित ने प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमा दर्ज होने पर जिला पंचायत राज अधिकारी दयाराम कुशवाहा ने पाराओझी गांव में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी जागेश्वर अनुरागी को मनरेगा की धनराशि के गबन के मामले में निलंबित कर दिया और ब्लाक कार्यालय से संबद्ध कर दिया।
बताया कि निलंबित सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं खंड विकास अधिकारी पीएन दीक्षित ने बताया कि तकनीकी सहायक संत भवन सिंह को भी दोषी पाए जाने पर उसकी संविदा को समाप्त करने की संस्तुति मुख्य विकास अधिकारी को भेजी गई है।
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