लागत घटाने को मृदा परीक्षण जरूर कराएं

Hamirpur Updated Wed, 04 Jul 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर। चंद्रशेखर कृषक समिति की बैठक में उप कृषि निदेशक उमेश कटियार ने कहा कि किसानों की मांग पर बुंदेला ज्वार मंगाई गई है। किसान हित में फसली ऋण के लिए स्केल ऑफ फाइनेंस दो गुना कर दिया गया है। जिससे लघु सीमान्त किसानों को खेती किसानी में अधिक बल मिलेगा।
समिति की बैठक में उप कृषि निदेशक ने कहा कि डीएपी का रेट 1200 रुपए प्रति बोरी हो गया है इसलिए उत्पादन लागत कम करने के लिए किसान मृदा परीक्षण अपनाएं। मृदा प्रयोगशाला के अध्यक्ष हबीब खान ने कहा कि किसान नेपेड कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट अपनाकर खेत में जैविक खाद का प्रयोग करें। बताया कि बीज भंडारों में जिप्सम, माइक्रोन्यूट्रिऐंट अनुदान पर मिल रहा है। आदर्श वर्मी कम्पोस्ट बनाकर राठ के किसान राजेंद्र कुमार ने उदाहरण पेश किया है। सुमेरपुर के कमलेश यादव, कंजौली के राजनाथ साहू ने वर्मी कम्पोस्ट की यूनिट तैयार कर मृदा स्वास्थ्य सुधार के लिए कमर कसी है। कृषि वैज्ञानिक डा.एसपी सोनकर ने अवर्षण पर जानकारी दी। उन्होंने बढ़ती हुई गाजर घास पर कहा कि आगे चलकर यह किसानों के लिए सिरदर्द साबित होगी। बैठक में रामरतन, बिन्दादीन, अतीक अहमद, इंद्रजीत सिंह, धर्मेद्र सिंह, लालाराम यादव, सुशील कुमार शुक्ला सहित अन्य किसान मौजूद रहे।





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