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मानसून ने दिया दगा तिल बोने का समय गया

Hamirpur Updated Tue, 03 Jul 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर। मानसून एक्सप्रेस के दगा देने से कृषि विभाग औंधे मुंह गिर गया है। विभाग की सारी कवायदें फेल हो चुकी है। बुआई का समय हाथ से निकल रहा है। गोदामों में पड़ा बीज ज्यों का त्यों पड़ा है। आग बरसा रही गर्मी का आलम यह है कि किसान तपती दुपहरिया में घरों से नहीं निकल रहा है। तिल की फसल बोने का समय जून का आखिरी पखवारा होता है।
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कृषि विभाग ने खरीफ अभियान पर किसानों को उन्नतिशील बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का काम पूरा कर लिया है। विभाग ने उर्द की शेखर प्रजाति की तीन किस्मों सहित सात प्रजातियों का बीज 89.93 कुं तल मंगवाया है। इसी तरह 30 कुंतल मूंग का प्रमाणित बीज आया है। जबकि विभाग को 80 कुंतल बीज किसानों को उपलब्ध कराना है। मक्का का 3 कुंतल, मूंगफली का 40, सोयाबीन का 25 कुंतल बीज गोदामों में आ चुका है। इसी तरह 25 कुंतल तिल, 103 कुंतल ज्वार व 3.90 कुंतल बाजरा बीज मंगा लिया गया है। कृषि विभाग ने खरीफ में 55 कुंतल बाजरा, 106 कुंतल ज्वार, 20 कुंतल धान, 102 कुंतल तिल, 49 कुंतल सोयाबीन, 83 कुंतल मूंगफली, 29 कुंतल मक्का, 80 कुंतल मूंग व 101 कुंतल उर्द का लक्ष्य रखा है। लेकिन बरसात के दगा देने से विभाग बीजों के आवंटन एवं उठान को लेकर परेशान है। उप कृषि निदेशक उमेश कटियार का कहना है कि ज्वार का समय निकलता जा रहा है। अगर इसी हफ्ते पानी बरस जाए तो किसान ज्वार की फसल बो सकते है। कह मूंग की फसल जुलाई के अंतिम सप्ताह तक की जा सकती है। उन्होंने बताया कि तिल की फसल बोने का समय जून का आखिरी पखवारा होता है।

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