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रेलवे ने यात्रियों की सुविधाओं पर की कटौती

Hamirpur Updated Mon, 02 Jul 2012 12:00 PM IST
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मौदहा (हमीरपुर)। रागौल रेलवे स्टेशन में आरक्षण खिड़की बंद है। ऐसे में आरक्षण के लिए लोगों को दिक्कतों से दो-चार होना पड़ रहा है। वहीं एक खिड़की से टिकट वितरण होेने से लंबी लाइनें लगने से बहुत से लोगों को ट्रेन आने पर या तो बिना टिकट यात्रा करनी पड़ती है या तो निराश होकर लौटना पड़ रहा है। इस स्टेशन से पैसेंजर व मेल ट्रेनों से बड़ी संख्या में यात्री जाते है और बांदा कानपुर लाइन का यह सबसे आय वाला स्टेशन है। फिर भी रेल विभाग इस पर ध्यान नही दे रहा है।
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कानपुर बांदा रेल लाइन के रागौल रेलवे स्टेशन में यात्रियों की संख्या व आमदनी सबसे अधिक है। इस स्टेशन से जबलपुर लखनऊ एक्सप्रेस, कानपुर चित्रकूट इंटरसिटी, मानिकपुर कानपुर पैसेंजर व कानपुर महोबा वाया बांदा ट्रेनें प्रतिदिन आती जाती है। इसके अलावा दुर्ग एक्सप्रेस सप्ताह में दो दिन आती जाती है। इस रेलवे स्टेशन में लंबे संघर्ष व मांगो के बाद रेल आरक्षण व कंप्यूटराइज टिकट वितरण के लिए दो खिड़कियां खोली गई थी। लेकिन कुछ ही दिन चलने के बाद आरक्षण खिड़की कर्मचारी के अभाव से बंद कर दी गई। अब सिर्फ एक ही खिड़की से टिकट वितरण हो रहा है। लंबी लाइनें लगने के बावजूद लोगों को समय रहते टिकट नहीं मिलते है। इतना ही नही कि पैसेंजर ट्रेनाें की बोगियां भी कम कर दी गई है। 10 से 12 बोगी लेकर चलने वाली ट्रेनें अब 6-7 बोगी तक ही सीमित रह गई है। यहां के सहायक स्टेशन मास्टर ने अपना नाम लिखने की मनाही करते हुए बताया कि कर्मचारियों के अभाव से दो टिकट विंडों नहीं खुल रही है। बोगियां बढ़ाने का कार्य रेल प्रशासन का है। जो संभव है उनके स्तर से सुविधा दी जा रही है।
भीड़ देखकर यात्रा बीच में छोड़ी
मौदहा। कसबे के रागौल रेलवे स्टेशन में रविवार को भी कानपुर मानिकपुर पैसेंजर ट्रेन के लिए यात्रियों की भारी भीड़ प्लेटफार्म पर जमा है। टिकट के लिए लंबी कतार ट्रेन के सिग्नल होने के बाद भी लगी थी। स्थिति यह रही कि यात्री भीड़ देखकर घबरा रहे थे और बहुत से यात्री प्लेटफार्म की मुख्यलाइन के उस पार कतार लगाए खड़े थे। ट्रेन आते आते यात्रियों में खासी धक्का-मुक्की हो गई थी। बोगियों में चढ़ने की होड़ थी। कम बोगियां होने से कुछ यात्री नहीं चढ़ सके और निराश होकर लौट गए। सहायक स्टेशन मास्टर से रविवार को टिकट वितरण की स्थिति पूछी गई तो उन्होंने बताया कि कानपुर मानिकपुर पैसेंजर में 441 टिकट ही वितरित हो सके है। इस ट्रेन से यात्रा करने के लिए स्टेशन आए इचौली के रामकिशोर, श्याम व बांदा जाने के लिए गुलाब, राहत आदि दर्जनों यात्रियों ने बताया कि टिकट न मिलने से तथा ट्रेन की भीड़ देखकर यात्रा छोड़नी पड़ी।

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