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नाबार्ड ने खोली किसानों के लिए सौगातों की पोटली

Hamirpur Updated Sun, 24 Jun 2012 12:00 PM IST
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हमीरपुर। नाबार्ड ने किसानों के लिए क्रेडिट कार्ड की नई व्यवस्था के तहत सौगातों की पोटली खोल दी।
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किसानों को केसीसी पासबुक की जगह डेबिट कम स्मार्ट कार्ड मिलेगा। साथ ही केसीसी के नवीनीकरण की अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर पांच साल कर दी है।
नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक मोहित सायंकृत ने बताया कि नाबार्ड ने केसीसी वितरण में नए दिशानिर्देश जारी किए है। एक लाख लोन के लिए जमीन गिरवी रखने की जरूरत नहीं होगी। पहले यह सीमा 50 हजार रुपए थी। नई व्यवस्था में तीन लाख तक लोन लेने वाले किसानों से बैंक कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं ले सकेंगे। केसीसी की मियाद तीन से बढ़ाकर पांच साल कर दी गई है। कहा कि इसके अलावा किसान चाहे तो निर्धारित लिमिट पर टर्मलोन (मियादि ऋण) भी ले सकते हैं। क्रेडिट लिमिट की राशि साल भर में चुकता करनी होगी लेकिन टर्मलोन का भुगतान मासिक किश्तों में किया जाएगा। जिला विकास प्रबंधक ने बताया कि टर्मलोन के लिए कोई भी मार्जिन मनी देने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही फसल बीमा और दुर्घटना बीमा की राशि तभी काटी जाएगी जब किसान इसके लिए इच्छुक हो। कहा कि पहले की तरह बीमा अब अनिवार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि केसीसी के आंकलन का मापदंड भी बदल गया है। रबी और खरीफ पर होने वाले खर्च से तीस प्रतिशत अधिक राशि का लिमिट किसानों को दिया जाएगा। सायंकृत ने कहा कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखकर केंद्र सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड के मापदंडों को व्यापक कर दिया है। नाबार्ड ने इस बदलाव की जानकारी सभी बैंकों को भेज दी है।
कर्जमाफी का कोई प्रस्ताव नहीं
हमीरपुर। सहकारी बैंक हमीरपुर महोबा के सचिव/महाप्रबंधक सी लाल ने बताया कि शासन के विशेष सचिव ने भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि कर्जमाफी का कोई भी प्रस्ताव शासन में विराचाधीन नहीं है। पत्र आते ही सहकारिता विभाग ने वसूली अभियान तेज कर दिया है। जिले के नोडल अधिकारी उप महाप्रबंधक रामेंद्र कुमार बघेल ने कहा कि पत्र आते ही सभी शाखाओं के प्रबंधकों व समितियों के सचिव व आंकिकों को निर्देश जारी किया है। किसानों के घर घर जाकर उनसे तगादा करने व शासन के ऋण वसूली के आदेश का प्रचार प्रसार करने का निर्देश दिया है। 30 जून तक ऋण अदा करने वाले किसानों से 3 प्रतिशत ब्याज चार्ज किया जाएगा। इसके बाद उनका ऋण बकाया पड़ जाएगा और उनसे 22.70 प्रतिशत की दर से ब्याज व कलेक्शन चार्ज मिलाकर वसूली होगी। जो किसान को लगभग सवा गुना बैठता है। यह बताया कि जो किसान अपना ऋण तत्काल जमा कर देते है उन्हें जमा करने के तीसरे दिन ऋण उपलब्ध हो जाएगा।

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