उच्चशिक्षा के लिए डिग्री व इंजीनियरिंग कालेज खोलें

Hamirpur Updated Sat, 23 Jun 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर। उजड़ते गांव और बिगड़ते शहर की कहावत को अगर ठीक करना है तो सरकार को उच्च शिक्षा के लिए गांवों में ही महाविद्यालय व इंजीनियरिंग कालेज खोलने पडे़ंगे। तभी गांवों को उजड़ने से व शहरों की व्यवस्था को बिगड़ने से बचाया जा सकता है। यह विचार सदर विधायक साध्वी निरंजन ज्योति ने विधानसभा में उठाए।
उन्होंने कहा कि उच्चशिक्षा का जो बजट प्राप्त हुआ है। उसमें भारतीय संस्कृति भाषा को महत्व नहीं दिया गया। इस बजट में कहीं भी संस्कृत महाविद्यालय का उल्लेख नहीं किया गया। जो अत्यंत चिंतनीय है। संस्कृति को बचाने के लिए संस्कृत का ज्ञान होना अति आवश्यक है। इसलिए वह संस्कृत विद्यालयों को भी प्राथमिकता दिए जाने की मांग करती है। साथ ही उन्होंने कहा कि बजट में बुंदेलखंड की चर्चा होती है। लेकिन इस बुंदेलखंड के हमीरपुर महोबा को कोई खास लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने विधानसभा में मांग करते हुए कहा कि इन दोनों जिलों के बीच एक इंजीनियरिंग कालेज खोला जाए। ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के युवा अपने क्षेत्र में ही तकनीकी शिक्षा हासिल कर सके। उन्होंने कहा कि यदि उजड़ते गांव और बिगड़ते शहरों को ठीक करना है तो गांवों में शिक्षा की व्यवस्था करनी पड़ेगी। साथ ही डिग्री कालेजों में छात्राओं की सुरक्षा की व्यवस्था की जाए। उन्होंने विधानसभा में अग्निपीड़ितों के लिए भी 5-5 लाख रूपए की मांग की। साथ ही कहा कि अगर गांव का लेखपाल व थाने में बैठे हुए एसओ ठीक हो जाए तो सरकार शानदार ढंग से चल सकती है।
मजरों और गांवों में हो विद्युतीकरण
हमीरपुर। सदर विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों व मजरों का विद्युतीकरण अभी भी नहीं हुआ है। सदर विधायक साध्वी निरंजन ज्योति ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बताया कि उनके क्षेत्र के कुरारा विकासखंड के बिलौटा गांव के मजरे छक्की का डेरा, टेकचंद्र का डेरा, धनीराम का डेरा, मेरापुर गांव के मजरा जौहरिया का डेरा, केसरिया का डेरा, ब्रहृमा के डेरा के मजरे, सुमेरपुर के कै थी व करेना डेरा सहित अन्य डेरा तथा पढ़ोरी गांव के मजरा बजरंग डेरा में विद्युतीकरण नहीं हुआ है। जिसके चलते आज भी यहां के लोग मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। विधायक ने सीएम से इन कार्यों को जनहित में दृष्टिगत रखते हुए प्राथमिकता पर कराए जाने की मांग की है।

Recommended

Spotlight

Related Videos

कश्मीर की इंशा ने व्हीलचेयर पर किया ऐसा ‘कमाल’

अब आपको मिलवाते हैं कश्मीर की रहनेवाली इंशा बशीर से। इंशा बशीर इन दिनों चर्चा में हैं क्योंकि इन्होंने व्हीलचेयर पर होने के बावजूद कश्मीर के लिए बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया और अब इंशा बाकी युवाओं के लिए मिसाल बन गई हैं।

18 अगस्त 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree