महंगाई डायन बढ़ी, किसानों की जेब ढीली

Hamirpur Updated Fri, 22 Jun 2012 12:00 PM IST
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हमीरपुर। खरीफ अभियान के लिए जिले को मिली एक रैक खाद भंडारण के अभाव में महोबा के खाते में चली गई। पेट्रोल मूल्य वृद्धि के बाद सरकार ने खाद के दाम बढ़ा दिए हैं। किसानों को अपनी फसल के लिए और जेब ढीली करनी होगी। अब डीएपी खाद के नए रेट 1202.61 रुपए बोरी हो गई है। यही खाद रबी सीजन में 910 रुपए थी। इधर इफ्को ने यूरिया की आपूर्ति की सहकारी समितियों को शुरू कर दी है।
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पीसीएफ के पास बारिश में खाद को रखने के लिए जगह नहीं है। खरीफ अभियान में जिले को खाद की आपूर्ति का लक्ष्य कृषि विभाग ने तय किया गया है। इसमें यूरिया का लक्ष्य 1500 मीट्रिक टन, डीएपी 500, पोटाश 100, एनपीके 500 व एसएसपी खाद का लक्ष्य 500 एमटी रखा है। हालांकि इसे रखने के लिए गोदाम तक नहीं है। खरीफ में खाद की खपत नगण्य होने की बात कही जा रही है। इस खाद की बिक्री रबी अभियान में होने की बात अधिकारी कर रहे है। इफ्को के क्षेत्रीय अधिकारी रघुवीर सिंह ने बताया कि जिले में खाद का स्टाक रखने के लिए पीसीएफ के पासगोदाम की कमी है। ऐसे में सहकारी समितियों के गोदामों पर 2 हजार टन यूरिया भेजी जाएगी। इस बार यूरिया किसानों को प्रति बोरी 3 रुपए महंगी मिलेगी जबकि डीएपी का रेट 1205.61 रुपए हो गया है। उन्होंने कहा कि डीएपी अभी तक किसानों को 910 रुपए में मिलती है। क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि 760 रुपए प्रति बोरी रेट पर मिलने वाली एनपीके खाद अब 973 रुपए में मिलेगी। उन्होंने बताया कि फ र्टिलाइजर बेसिक मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए सहकारी समितियों के सचिवों को एसएमएस कर खाद आने की सूचना दी जाएगी। कहा कि 80 फीसदी मोबाइलों पर इस सिस्टम को लोड कर दिया गया है।
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