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मेहंदी उतरी नहीं ससुराल से अर्थी उठ गई

Hamirpur Updated Thu, 21 Jun 2012 12:00 PM IST
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राठ(हमीरपुर)। बेटी के हाथों की मेहंदी भी अभी चटख थी। बड़े-बड़े सपने संजोकर वह अपने बाबुल का घर छोड़कर पिया के घर आई थी। उसे क्या पता था कि शादी के महीने भर के भीतर ही ससुराल से अर्थी उठेगी। ये कहानी किसी फिल्म की नहीं है बल्कि हकीकत है। जलालपुर थाने के हरसुंडी गांव के एक पिता के आंसू ये पूरी कहानी बयां कर रहे हैं। लड़की के पिता का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर शादी के एक माह के भीतर उसके बेटी को ससुरालवालों ने मार डाला। लड़की मौत पर परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। अभी तक पुलिस ने कोेई कार्यवाही नहीं की थी।
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जलालपुर थाने के हरसुंडी गांव के सुर्जन लोधी ने बताया कि 26 मई को उसने पुत्री रिंकी (18) की शादी लोधी समाज केे सम्मेलन में मझगवा थाने के खिरिया गांव के सुंदर लाल के पुत्र असवेंद्र से की थी। उसका दावा है कि उसने शादी में 50 हजार नकद व सोने चांदी के जेबर दिए थे। आरोप है कि ससुराल वाले एक मोटर साइकिल औैर पचास हजार रुपए की मांग कर रहे थे। बीते पांच दिन पहले ससुर और जेठ उसकी पुत्री की दूसरी बार विदा कराकर ले गए। इसके बाद ससुराली जनों ने उसकी पुत्री को बड़ी ही बेरहमी से पीटकर उसकी हत्या कर दी। नवविवाहिता के शरीर के कई स्थानों पर मारपीट के निशान हैं। बेटी की मौत पर मां रो-रोकर बेसुध हो गई थी। अस्पताल प्रशासन ने मामले की सूचना पुलिस को भेज दी है।
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