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दुर्घटना में घायल हाथी की मौत ने तूल पकड़ा

Hamirpur Updated Tue, 19 Jun 2012 12:00 PM IST
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मौदहा (हमीरपुर)। कोतवाली क्षेत्र के गुसियारी गांव में एक माह पूर्व दुर्घटना में घायल हाथी क ी मौत का मामला बीती रात तूल पकड़ गया है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक सैय्यद वसीम अहमद, डीएफओ वीके सिंह व अन्य अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे और हाथी मालिक के विरुद्ध हाथी मरने की सूचना वन विभाग को न देने का मुकदमा दर्ज किया है। डीएफओ ने पशु चिकित्सकों की टीम के साथ हाथी के शव का पोस्टमार्टम कराया है।
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गुसियारी गांव में गुलाम रसूल पुत्र कमरुद्दीन का निजी हाथी झांसी के चिरगांव में बीते 11 मई की रात करीब 11 बजे सड़क पर जाते समय एक डंफर की जोरदार टक्कर से घायल हो गया था। घायल हाथी के मामले मेें बाद में दोनों पक्षों को चिरगांव थाने में इलाज कराने को कहे के बाद समझौता हो गया। इसमें हाथी मालिक को डंफर मालिक दीपचंद यादव ने दो लाख रुपए दिए। इसके बाद गुलाम रसूल हाथी को गांव ले आया। गांव के बाहर उसका इलाज कराने के साथ देखभाल करता रहा। गांव में करीब 15 दिन पूर्व कुएं के पानी का निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम जेबी सिंह ने हाथी को दर्द से बेचैन होने पर जानकारी ली । रविवार को दिन में करीब 2 बजे हाथी की मौत हो गई। इसकी सूचना मालिक ने मोबाइल पर अधिकारियों को दी। इस घटना की सूचना कुछ शरारतीतत्वों ने डीआईजी को दी। कहा कि हाथी मालिक ने उसके दांत निकालने के मकसद से उसे मार डाला है। इससे गांव सहित क्षेत्र क ा माहौल खराब हो सकता है। इस पर डीआईजी ने पुलिस अधीक्षक हमीरपुर व अन्य अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। इस पर डीएफओ, क्षेत्राधिकारी तथा आसपास के थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। मालिक ने हाथी के स्वामित्व का प्रमाण पत्र दिखाते हुए जानकारी दी। कहा कि हाथी को दफनाने के लिए विधि विधान सहित शीघ्र कार्य कराना चाहता था। कहा कि न उसने दांत काटे और न ही किसी प्रकार की क्षति पहुंचाई है। 27 लाख की कीमत के इस हाथी की मौत पर पूरा परिवार बिलख रहा था। इसके बावजूद वन क्षेत्राधिकारी गयादीन व वन दारोगा इकबाल अहमद व इफ्तखार अहमद ने कोतवाली में हाथी मालिक गुलाम रसूल के विरुद्ध धारा 5/41 के तहत (वन्यजीव संरक्षण अधिनियम) के तहत मामला दर्ज करा दिया। पुलिस को दी गई तहरीर में कहा कि यह ए श्रेणी की अनुसूची का जानवर है। मौत की सूचना वन विभाग को न देने व पोस्टमार्टम न कराने का अपराध किया है। सोमवार को हाथी का पोस्टमार्टम कराने के लिए डीएफओ वीके सिंह व दो पशु चिकित्सक डा.कैलाश बाबू व एके सचान की दो टीम को लेकर आए। अभी इसका पोस्टमार्टम जारी है। इस मामले में डीएफओ ने कहा कि जिस व्यक्ति पर यह मामला दर्ज हुआ है। वह वास्तविक रुप से हाथी पर मालिकाना हक रखता है। कहा कि न तो उसने मरे हाथी के दांत काटे और न ही किसी प्रकार की क्षति पहुंचाई है।

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