तालाब को बचाने के लिए मोर्चा खोला

Hamirpur Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
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मौदहा (हमीरपुर)। कसबे के तीन बड़े तालाबों का अस्तित्व बचाने के लिए समाजसेवी जनसहयोग के माध्यम से ओरी तालाब के घाटों की मरम्मत कराने के साथ सफाई शुरू कर दी है।
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ओरी तालाब लोगों के लिए सिर्फ जरूरत ही नहीं बल्कि धार्मिक उत्सवों से भी जुड़ा है। नेशनल कालेज का यह तालाब बहुत पुराना है। कसबे के ज्यादातर लोगों के लिए तालाब में स्नान करने के साथ ही मवेशियों के पानी पीने का एकमात्र साधन है। तालाबों में पानी भरे रहने से जहां भूमिगत जलस्तर का संतुलन बना रहता है। वहीं आकर्षण का केंद्र भी है। गोसाई मंदिर, देवी मंदिर व संतों की समाधियां होेने से यहां भक्तों की खासी भीड़ है। तालाब के सूखने व इसके अस्तित्व को बिगड़ते देख 26 मई 2008 में प्रसिद्ध किन्नर शबनम मौसी ने इसमें श्रमदान कराकर लोगों को नसीहत दी थी। इसी के बाद तालाब की सफाई व कुछ खुदाई होने के बाद समाजसेवी गेंदालाल विक्टोरिया, बंटू अग्रवाल, जगदीश प्रसाद, पान सिंह, रज्जन मिस्त्री रामनगर, रोहित, नीशू चौहान, चंद्रकिशोर गुप्ता, विजय सिंह अर्चना ग्रेनाइट, राजेंद्र मधुपिया व विजय आनंद आदि ने धन उपलब्ध कराकर जीर्ण शीर्ण घाटाें की मरम्मत शुरू कर दी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह इस कार्य सेवा में सम्मिलित होकर धार्मिक व सामाजिक महत्व के इस तालाब के अस्तित्व को बचाने में सहयोग करे।
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